दाहा (बागपत)। टीकरी सीएचसी वर्तमान समय बेसहरा गोवंशीय पशुओं का बसेरा बनी हुई है। कस्बे के लोग पशुओं को पकड़कर यही पर छोड़ देते हैं।पशुओं के कारण मरीज भी सीएचसी नहीं पहुंच रहे हैं, इससे कर्मचारी परेशान हैं।
बेसहारा गोवंशीय पशुओं को सरकारी भवनों में भरा जा रहा है। कोई कर्मचारी इसका विरोध करते हैं तो उनके साथ अभद्रता की जाती है। टीकरी सीएचसी का भी यह ही हाल है। यहां पर कस्बे के लोगों द्वारा बेसहारा गोवंशीय पशुओं को छोड़ दिया है। इस कारण कोई मरीज उपचार के लिए नहीं पहुंच रहा है। कर्मचारियों को भी हर समय हमले का डर लगा रहा है। पशुओं को बाहर निकालने का प्रयास करते हैं तो उनके साथ लोगों द्वारा अभद्रता की जाती है। जिस कारण कर्मचारी डरे और सहमे हैं।
सीएचसी में तैनात कर्मचारी संजय और स्वीपर कल्याण सिंह इस संबंध में शिकायत उच्चाधिकारियों से कर दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कस्बे में कान्हा योजना से गोशाला का निर्माण चल रहा है। जल्द शुरू होने की उम्मीद है। चेयरमैन सोमपाल राठी ने कहा कि गोशाला का काम तेजी के साथ चल रहा है। सीएचसी में लोगों द्वारा गोवंशीय पशु भरने की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो लोगों को समझा-बुझाकर पशुओं को बाहर निकालवाएंगे। उल्लेखनीय है कि सीएचसी को शुरू कराने के लिए लोगों ने दो माह तक लगातार धरना दिया । मुख्यमंत्री से भी लोग मिले। इसके बाद इसे चालू कराया ।