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बोड्ढ़ा गांव में घेर में बंद कर दिए आवारा गोवंश

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बागपत। बिनौली थाना क्षेत्र के बुढ़ेड़ा गांव में फसल बर्बाद कर रहे आवारा गोवंश से परेशान ग्रामीणों ने गोवंश को एक घेर में बंद कर गेट का बाहर से ताला लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन गोवंश का प्रबंध करें अन्यथा ग्रामीण गोवंश को नहीं छोड़ेंगे। देर रात तक पुलिस या प्रशासन का कोई भी अधिकारी गांव में नहीं पहुंचा है।
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किसानों की फसलें अभी भी बेसहारा गोवंश बर्बाद कर रहे हैं। लगातार हर रोज हो रहे फसल के नुकसान से किसान परेशान हैं। बिनौली थाना क्षेत्र के बुढ़ेड़ा गांव में बृहस्पतिवार शाम को आवारा गोवंश से परेशान ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने खेतों से घेरकर करीब 70 गोवंश को प्राइमरी पाठशाला में बंद कर दिया। पूर्व प्रधान ब्रजपाल सिंह ने स्कूल से गोवंश को निकलवा कर बली पुत्र राजाराम के घेर में बंद कराया। ग्रामीणों ने घेर का बाहर से ताला बंद कर दिया। पूर्व प्रधान ने बताया कि बेसहारा गोवंश लगातार किसानों की फसल बर्बाद कर रहा है। किसान सर्दी में पूरी रात खेतों में पहरा देते हैं, इसके बाद भी फसल का नुकसान नहीं रुक पा रहा। गोवंश को एक खेत से निकालते हैं तो वह दूसरे खेत मेें घुस जाता है। कई किसानों की गेहूं की पूरी फसल को खा गए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोशाला खोलने के वादे तो किए, लेकिन अभी तक कोई कार्य शुरू नहीं हो सका। ऐसे में ग्रामीणों को फसल की चिंता सताने लगी है। ग्रामीण अब फसलों को बर्बाद करने वालों आवारा गोवंश को पकड़ कर स्कूलों में बंद कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन आवारा गोवंश का प्रबंध करें। गोवंश को गांव से लेकर दूसरे जंगलों में छोड़े या गोशाला में भेजे जाए। ग्रामीण अब गोवंश को गांव में नहीं रहने देंगे। जब तक गोवंश का प्रबंध नहीं किया जाता, तब तक गोवंश को नहीं छोड़ेंगे। प्रशासन स्तर का कोई भी अधिकारी अभी तक गांव नहीं पहुंचा है। प्रहलाद, प्रेम, अजय, पवन, जयकिशन ग्रामीण शामिल रहे।

सरकारी कार्यालयों में गोवंश बंद करने का निर्णय
बागपत/दोघट। कस्बे में बृहस्पतिवार को आवारा गोवंशों को लेकर किसानों की पंचायत हुई। अध्यक्षता करते हुए ऋषिपाल सिंह ने कहा कि किसानों के खेतों में खड़ी फसलों को आवारा गोवंश बर्बाद कर रहे हैं। फसलों को खाते तो हैं ही साथ ही फसल को रौंदते भी हैं। किसान यदि इन्हें खेतों से निकालने का प्रयास करते हैं तो उन पर हमला भी कर देते हैं। किसान दिन में खेतों में कार्य करते है रात्रि में जागकर खेतों में गोवंश की रखवाली करते है। इसकी शिकायत भी प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से कर चुके है लेकिन समस्या का अभी तक कोई समाधान नहीं कराया। यदि शीघ्र ही किसानों को इनसे निजात नहीं दिलवाई तो किसान भुखमरी के कगार पर होंगे। किसानों ने चेतावनी दी कि शीघ्र ही गोवंश को तहसील मुख्यालयों, सरकारी कार्यालयों में भरने का कार्य करेंगे। संचालन धर्मेंद्र राठी ने किया। इसमें राजेंद्र चौधरी, जमशेद, देवेंद्र, मनोज पंवार, रुपेंद्र मुखिया, देवी सिंह, जीत सिंह, आकाश, कृष्णपाल, रणसिंह, अब्बास चौधरी, नईम, सुधीर मुखिया, जतेंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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पशुओं की लाठियों से घेरा
बागपत। गोवंश को घेरकर मकान में बंद करने के लिए सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए। युवाओं ने लाठियों से घेरकर पशुओं को एक घेर में बंद किया है। सोशल मीडिया पर भी फोटो और वीडियो वायरल हुए।
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