बिनौली (बागपत)। मवी कलां के 45वें वार्षिकोत्सव का मंगलवार को हजूराबाद गढ़ी में समापन हुआ। इसमें वैदिक विद्वानों ने वैदिक विचारधारा को अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वेद मर्मज्ञ स्वामी सत्यवेश ने कहा कि आज पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से समाज में तमाम बुराइयां और कुरीतियां पनप रही हैं, इससे राष्ट्र विकास अवरुद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद की वैदिक विचारधारा को अपनाकर ही हमारा समाज सुधर सकता है और राष्ट्र उन्नत हो सकता है। वैदिक विद्वान प्रो. सुरेंद्र पाल आर्य ने कहा कि आर्य समाज का उद्देश्य जनमानस को योग और यज्ञ से जोड़ना है। योग से मनुष्य का सर्वांगीण विकास तथा यज्ञ से आत्मिक उन्नति हो सकती है। उन्होंने विद्वानों व मेधावी बच्चों को स्मृति चिह्न व शाल भेंटकर सम्मानित किया।
प्रात: दारा सिंह आर्य ने वेद मंत्रों के साथ यज्ञ कराया। भजनोपदेशक विदुषी सविता आर्य, महाशय वेदपाल और अशोक प्रबोध ने देशभक्ति और समाजसुधार से ओतप्रोत सुमधुर भजन प्रस्तुत किए। इसमें रामपाल सिंह, अशोक आर्य, मास्टर विनोद आर्य, सुशील कुमार, सूबे सिंह, जितेंद्र आर्य, ईश्वर पाल, गिरवर सिंह, मोनू आर्य आदि रहे।