बड़ौत (बागपत)।
अजीत नाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर कमेटी मंडी बड़ौत के तत्वावधान में विहर्ष सभागार ,सत्यवती जैन धर्मशाला मंडी घनश्याम गंज में मुनि 108 सुरतन सागर जी महाराज का 32 वां वात्सल्य दिवस अर्थात जन्मोत्सव तथा क्षमावाणी महोत्सव व अनुव्रत संस्कार कार्यक्रम मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संगीतकार संतोष म्यूजिकल ग्रुप ने भजन के साथ किया । तत्पश्चात ब्रह्मचारिणी मधु दीदी व सीमा दीदी ने अष्ट द्रव्य से मुनि श्री सुरतन सागर जी महाराज की पूजन कराई । इसका सौभाग्य सरला जैन को प्राप्त हुआ। मुनि श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य अशोक जैन बिजली वालों के परिवार को मिला और आरती का सौभाग्य मुकेश बजाज को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के मध्य 50 से अधिक जैन श्रद्धालुओं ने अनुव्रत के संस्कार मुनिश्री के द्वारा प्राप्त किए तथा उन्हें श्रीफल समर्पित किया । इसके अतिरिक्त मंदिर समिति ने दसलक्षण व्रत करने वालों को सम्मानित किया । संचालन वरदान जैन ने किया। कार्यक्रम में मधु दीदी तथा सीमा दीदी ने विचार व्यक्त किए । इस दौरान मुनि श्री सूरतन सागर जी महाराज ने कहा की जिन भी बंधुओं ने 10 लक्षण पर्व के अंतर्गत तपस्या की है ,उन्होंने अपने जीवन को तप की ओर अग्रसर किया है । वास्तव में सभी को उनकी अनुमोदन करनी चाहिए और अन्य लोगों को भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। इसके अलावा जो बंधु अनुव्रत के संस्कार ले रहे हैं ,उन्हें अपने जीवन में संयम को धारण कर देव शास्त्र गुरु की आराधना करनी है तथा अपने जीवन को धर्म की ओर अग्रसर करना है। मुनिश्री के सानिध्य में मंदिर कमेटी के द्वारा क्षमावाणी पर्व मनाया। इसमें सभी ने अपने द्वारा की गई गलतियों के लिए एक दूसरे से क्षमा मांगी और मुनिराज से भी अपनी गलती हेतु क्षमा याचना की।
इसमें मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सुभाष जैन ,मुकेश जैन, मुकेश बजाज ,अशोक जैन, वरदान जैन , प्रवीन जैन ,मदन लाल जैन ,जयप्रकाश जैन, अमित जैन ,सुनील जैन ,मनोज जैन ,प्रदीप जैन आदि रहे।