बिनौली (बागपत)। जैन संत तरुण सागर जी महाराज के शनिवार को देवलोक गमन होने पर बरनावा के ज्ञान सागर गुरुकुल में श्रद्धांजलि सभा हुई, इसमें ब्रह्मचारियों ने नौ बार ण्मोकार मंत्र का जाप कर प्रभु से उनके मोक्ष मंजिल की ओर जाने की कामना की।
सुबह जैसे ही जैन संत के शरीर पूरा होने की सूचना मिली तो ज्ञान सागर गुरुकुल में शिक्षण कार्य को बंद कर एक विनयांजलि सभा का आयोजन किया। जिसमें गुरुकुल संस्थापक ब्रह्मचारी अतुल भैया ने कहा कि ऐसे संत का देवलोक जाना राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है तथा जैन समाज के लिये बहुत बड़ी हानि है। उन्होंने कहा कि तरुण सागर जैन धर्म की शान थे, जिन्होंने भगवान महावीर को मंदिरों से निकालकर चौराहों पर लाने का एक नारा दिया।
उन्होंने ब्रह्मचारियों से उनके दिव्य प्रवचनों के सार को जीवन मे आत्मसात करने का आह्वान किया। इस दौरान ण्मोकार मंत्र के जाप के साथ विनयांजलि दी गई। इस दौरान गुरुकुल समिति के प्रबंधक राकेश जैन, श्रवण जैन, गौतम चंद जैन, चंद्रकांत जैन, मुकेश जैन, पूनम जैन, विकास जै न, संकल्प जैन, उज्ज्वल जैन, शुभम जैन, विशाल जैन आदि रहे।