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अब पाबला के किसानों ने अफसरों को वापस लौटाया, हंगामा

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पाबला के किसानों ने अफसरों को लौटाया, हंगामा
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बागपत। हरसिया बिजली घर की लाइन का काम अब पाबला बेगमाबाद गांव के किसानों ने रुकवा दिया है। उनकी मांग है कि जब तक उनको उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, काम नहीं करने दिया जाएगा। उनकी पुलिस और प्रशासन अफसरों से खूब नोकझोंक हुई। आखिर में अफसरों को वहां से लौटना पड़ा।
बागपत से हरसिया बिजलीघर पर हाईटेंशन लाइन ले जाने के लिए पोल खड़े किए जा रहे है। दुड़भा, अहैड़ा, पाबला बेगमाबाद सुहेंडा, ढ़िकौली समेत कई गांव से लाइन होकर गुजरेगी। किसानों की मांग है कि उनको जमीन का उचित मुआवजा मिले। शुक्रवार को पाबला-बेगमाबाद गांव के किसानों ने कृषक नैपाल सिंह के खेत में विद्युत पोल नहीं लगने दिया। उनका कहना है कि जिस स्थान पर विद्युत पॉल लगे उस जमीन के आठ लाख रुपये और खेत के ऊपर से लाइन गुजारने के लिए 55 सौ रुपये प्रति मीटर की दर से मुआवजा दिया जाए। पता चलने पर एसडीएम विवेक कुमार यादव और सीओ दिलीप सिंह वहां पर पहुंचे। उसके बाद भी किसानों ने विद्युत निगम की टीम को काम नहीं करने दिया। उनकी अफसरों से खूब नोकझोंक हुई। किसानों ने हंगामा किया। चेतावनी दी कि जबरदस्ती लाइन का काम शुरू किया तो वह आत्मदाह कर लेंगे। महिलाओं ने भी हंगामा किया। शाम को अफसर वहां से बैरंग लौट आए।
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इससे पहले अंहैड़ा गांव के किसान हंगामा कर रहे थे। इसको लेकर उन्होंने 18 दिन तक धरना-प्रदर्शन भी किया था। किसानों पर मुकदमे भी दर्ज हुए थे। बाद में किसान सहमत हो गए थे। उसके बाद ही वहां पर पोल लगे थे। हंगामा करने वालों में किसान नेपाल सिंह, लालचंद, रामकरण, कोशिंद्र, सत्यवीर, रूगन सिंह, रविश धामा मौजूद रहे। उधर, एसडीएम विवेक कुमार यादव का कहना है कि किसानों ने विद्युत लाइन का काम रुकवा दिया है। किसानों को नियमानुसार फसल की क्षतिपूर्ति दी जा रही है। किसानों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
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