बागपत। स्वच्छता अभियान के तहत प्रशासन स्थानीय स्तर पर जिले को ओडीएफ घोषित कर चुका है। विश्व शौचालय दिवस पर रविवार को 135 गांव में गौरव यात्रा निकाली जाएगी। ओडीएफ की जांच के लिए जिला स्तरीय टीम का गठन किया जा चुका है। डीपीआरओ संजय यादव ने कहा जिला स्तर के बाद मंडल स्तर पर जांच होगी, तभी ओडीएफ का प्रमाण पत्र मिलेगा।
जिले में अभियान के तहत 33147 शौचालयों का निर्माण कराया। 15 अगस्त तक 202 राजस्व ग्रामों ने संकल्प पत्र दे दिए, इसके बाद 80 राजस्व गांवों में तेजी से कार्य कराया। जिले में ग्राम पंचायतें 245 हैं, जबकि राजस्व ग्रामों की संख्या 282 है। डीपीआरओ ने कहा पिछले माह ग्राम पंचायत ने ओडीएफ के लिए प्रमाण पत्र दे दिए , जिस कारण जिले को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद जांच चल रही है। जिन गांवों में शौचालय नहीं बने हैं, वहां पर जांच के बाद निर्माण कराया जाएगा। सत्यापन समिति के दस टीमों में 30 अधिकारी जांच कर रहे हैं। उधर, रविवार को जागरूकता के लिए जिले में गौरव यात्रा निकाली जाएगी। पंचायत राज विभाग के कर्मचारी प्रधान के सहयोग से यात्रा निकालेंगें और लोगों को खुले में शौच नहीं जाने के लिए प्रेरित करेंगे।
दूसरी तरफ स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक नरेंद्र उज्ज्वल ने बताया गौरव यात्रा को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने सभी खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ग्राम प्रधान, गणमान्य व्यक्ति, निगरानी समितियों के सदस्य, स्कूली बच्चे सहित ग्रामीणों का सहयोग लिया जाएगा। ग्राम सचिव को निर्देशित किया ग्राम प्रधानों को समय पर कार्यक्रम में पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे।
121 लाख रुपये कर दिए वापस
बागपत। शौचालय निर्माण और प्रोत्साहन राशि के 26 गांवों ने सरकार की 121.80 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि को वापस कर दिया था। अपने संसाधनों से शौचालयों का निर्माण कराने का काम किया । जिला समन्वयक नरेंद्र उज्ज्वल ने बताया कि जिले के 26 गांव ऐसे हैं, इनके लाभार्थियों ने प्रोत्साहन राशि को लौटा दिया। इनमें सैडपुर कलां, पूरणपुर नवादा, सुभानपुर, बसी, भेड़ापुर, फुलैरा, निरोजपुर एम्मा, घिटौरा, डूंडाहैड़ा, नूरपुर मुजविदा, पलड़ी, जौहड़ी, बावली, औसिक्का, ईदरीशपुर, हसनपुर मसूरी, विनयपुर, लहचौड़ा, ललियाना, सरूरपुर कलां, खेड़की, बिहारीपुर, पुट्ठी ब्राह्मण, कोताना, बासौली और बाछौड़ के लाभार्थियों ने प्रोत्साहन राशि वापस कर दी। कुल मिलाकर यह धनराशि 121.80 लाख रुपये बैठती है।
इसे कैसे खुले में शौच मुक्त कहेंगे
बागपत। जिले में अभी भी ऐसे परिवार हैं, जो खुले में शौच जा रहे हैं। यही नहीं जिनके घरों में शौचालय हैं, ऐसे भी लोग ओडीएफ अभियान को झटका दे रहे हैं। कलक्ट्रेट के पास ही निवाड़ा में झुग्गी डालकर रहने वाले परिवार और इन दिनों अधिकतर कोल्हू पर रह रही लेबर भी अभियान पर सवाल खड़े कर रही है। ईंट भट्ठों शुरू होंगे, लेबर यहां पहुंचनी शुरू हो गई है। यहां रहने वाले मजदूरों के लिए शौचालय की व्यवस्था कम ही होती है। यह मजदूर भी खुले में शौच करने को मजबूर होते हैं, ऐसे में ओडीएफ पर सवाल खड़ा होना लाजिमी है।
ब्लॉक गांव की संख्या
बागपत 24
खेकड़ा 25
छपरौली 10
पिलाना 30
बड़ौत 26
बिनौली 20