दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में अध्यापकों की नियुक्ति में धांधली की जांच को लेकर शुक्रवार को संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग पहुंचे तो प्रबंध समिति में हड़कंप मच गया। इस दौरान संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग ने जिला विद्यालय निरीक्षक को भी लताड़ लगाई।
दिगंबर जैन इंटर कॉलेज और इसकी एक प्राइमरी विंग में पांच शिक्षक पदों को लेकर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इस नियुक्ति प्रक्रिया मेें धांधली का आरोप लगाकर चयन समिति के सदस्य राकेश जैन ने विगत दिनों इस्तीफा तक दे दिया था। वहीं प्रबंध समिति के मंत्री सतीश जैन, कालूराम द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री को पत्र भेजते हुए प्रबंध समिति पर पैसा लेकर नियुक्तियां पहले से ही तय कर लेने का आरोप लगाया था। इस मामले में संज्ञान में लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने मामले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के निदेशक को जांच सौंपकर जांच पूरी होने तक नियुक्ति प्रक्रिया को स्थगित करने के आदेश जारी कर दिए थे।
परिषद के निदेशक ने इस मामले में संयुक्त निदेशक डॉ. महेंद्र देव को जांच सौंपी । सूत्रों के अनुसार 14 जून तक जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भी भेजी जानी है। वहीं नियुक्ति को लेकर प्रतीक जैन पुत्र वीरेंद्र कुमार जैन ने भी न्यायालय में याचिका दायर की हुई थी। प्रतीक जैन को मृतकाश्रित के रूप मेें कॉलेज में नियुक्त दी जानी है, इस संबंध में दो दिन पहले ही जिला विद्यालय निरीक्षक पीके मिश्रा ने प्रबंध समिति को निर्देश भी दिए हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर शुक्रवार को संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग डॉ. महेंद्र देव और जिला विद्यालय निरीक्षक पीके मिश्रा कॉलेज पहुंचे और पूरे प्रकरण की जांच की। जांच के दौरान संयुक्त निदेशक ने जिला विद्यालय निरीक्षक को भी शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई न करने पर लताड़ लगाई। वहीं प्रबंध समिति को भी प्रतीक जैन की नियुक्त संबंध निर्देश दिए। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक पीके मिश्रा ने कहा डीजे कॉलेज में नियुक्तियों में धांधली को लेकर संयुक्त निदेशक ने जांच की है।