आजमगढ़। नगर निकाय चुनाव में शायद यह पहला मौका है जब कोई मुख्यमंत्री नगरपालिका और नगर निकाय चुुनाव में प्रचार के लिए मैदान में उतरा हो। पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार दोपहर डीएवी कालेज के मैदान जनसभा को संबोधित करेंगे।
एक घंटे तक सीएम जहां पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाएंगे, वहीं योगी के आगमन के बाद चुनाव को लेकर बनने वाले समीकरणों पर चुनावी पंडितो ने नजर गड़ा दी है। विरोधी भी इस पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। लोगों के मन में एक ही सवाल तैर रहा है कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से जिले में जो चुनावी समीकरण बना है वह बदलेगा।
कौन जीतेगा कौन हारेगा इसका फैसला तो एक दिसंबर को होने वाली मतगणना के बाद होगा। लेकिन अभी से जीत हार को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। मतदाता धीरे-धीरे प्रत्याशियों के पक्ष में लामबंद होते दिखाई दे रहे हैं।
इस लामबंदी को तोड़ने के लिए अन्य पार्टियों के प्रत्याशियों को एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा। वैसे तो हर प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहा है, लेकिन जानकारों की मानें तो 16 नवंबर को मुख्यमंत्री की जनसभा के बाद चुनावी समीकरण में बदलेगा।
वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि मुख्यमंत्री के आने से भी जो समीकरण बना है, वह नहीं टूटेगा। मुख्यमंत्री की छवि कट्टर हिंदूवादी नेता की है। सपा और बसपा ने किसी मुस्लिम प्रत्याशी को मैदान में उतारा नहीं है, इसलिए हिंदू और मुस्लिम के नाम पर वोटों का ध्रुवीकरण नहीं किया जा सकता है।
वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश राय, क्षेत्रीय मंत्री सहजानंद राय, सदस्य प्रदेश कार्यसमिति अखिलेश कुमार मिश्र गुड्डू, निकाय चुनाव प्रभारी अजय सिंह गौतम ने कार्यकर्ताओं से रैली को सफल बनाने की अपील की है। वैसे जो भी हो वर्तमान में सभी प्रत्याशी जीत रहे हैं। हर प्रत्याशी अपनी जीत के लिए एडी चोटी का जोर लगाए है।