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Azamgarh News: गेहूं में पीलापन, टमाटर में झुलसा रोग का बढ़ा खतरा

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आजमगढ़। जिले में मौसम का मिजाज इन दिनों बिगड़ा हुआ है। इसका असर फसलों पर दिखना शुरू हो गया है। बढ़ते ठंड के बीच गेहूं की फसल में पीलापन, आलू व टमाटर की फसल में झुलसा रोग का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार किसान समय रहते इसका उपचार नहीं किए तो इसका असर पैदावार पर पड़ने की संभावना है।
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जनपद में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शाम होते ही सर्द हवाएं ठिठुराने लग रही है तो वहीं कोहरे और पाले का भी प्रकोप दिखने लगा है। गेहूं के साथ टमाटर और आलू जैसी फसलों में ठंड के असर के कारण रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार किसानों को इस समय फसलों की विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरान के प्रभारी डाॅ. एलसी वर्मा ने बताया कि गेहूं में पीलापन रोग का खतरा बढ़ा है। यदि गेहूं की फसल में पीलापन रोग का समय से उपचार नहीं किया गया, तो इसका असर फसल की पैदावार पर पड़ता है। इससे करीब 20-25 फीसदी फसल की उत्पादन क्षमता प्रभावित हो सकती है। फसल को पर्याप्त धूप न मिलने से गेहूं की फसल का ग्रोथ बहुत धीमी गति से होता है। गेहूं के डंठल पतले होते हैं। जिससे गेहूं के दाना कमजोर होते हैं। दूसरी ओर कोहरा के असर के कारण आलू में पाला और टमाटर में झुलसा रोग लगना शुरू हो गया है।
इस तरह बचाव कर सकते हैं किसान
डाॅ. एलसी वर्मा ने बताया कि पीलापन रोग लगने का मुख्य तीन कारण है। एक तो गेहूं में पोषक तत्व की कमी, दूसरा पर्याप्त मात्रा में फसल को धूप न मिलना। इसके अलावा फसलों की अत्यधिक सिंचाई करना है, जो पानी खेत में कई दिनाें तक बना रहता है। दो मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर टमाटर में मैनकोजेब दवा का छिड़काव करें। इससे फसल सुरक्षित रहेगी।
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