सिधारी थाना क्षेत्र के नरौली मुहल्ले में तीन विभागों की आपत्ति रिपोर्ट के बाद भी संचालित वर्कशाप की प्रकाशित खबर को देख जिला प्रशासन कार्रवाई के मूड में आ गया। इसी क्रम में शनिवार को डीएम ने एसडीएम सदर डा. अशोक कुमार सिंह को धारा 133 सीआरपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर वर्कशाप के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस दौरान पता चला कि एसडीएम ने पहले ही यह प्रक्रिया अख्तियार कर वर्कशाप मालिक को नोटिस जारी किया है लेकिन वह हाजिर नहीं हुआ। इस पर डीएम ने उसके विरूद्घ वारंट जारी करने आदेश दिया।
बताते चले कि प्रदूषण विभाग, आजमगढ़ विकास प्राधिकरण और आरटीओ विभाग की तरफ से जारी आपत्ति प्रमाणपत्र के बाद भी सिधारी थाना क्षेत्र के नरौली मुहल्ले में अनधिकृत तरीके से वर्कशाप संचालित हो रहा है।
यह वर्कशाप जहां स्थापित है, उसके एक तरफ मसीही अस्पताल दूसरी तरफ विद्यालय के साथ घनी आबादी वाली कालोनी है। जिसमें नौकरी पेशा के साथ कारोबार करने वाले लोग रहते है। लेकिन वर्कशाप के संचालित होने से अस्पताल के मरीजों, डाक्टरों, विद्यालय के छात्रों और शिक्षकों के साथ रिहासी लोगों की हालत खराब थी। क्योंकि प्रतिदिन होने वाली ध्वनि और वायु प्रदूषण से लोग परेशान हैं। मरीजों के लिए सि्थति जानलेवा साबित हो रही है।
इस समस्या को अमर उजाला ने 02 अप्रैल के अंक में प्रकाशित किया। इस दौरान जिला प्रशासन ने लोगों की समस्या को गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि वे इस प्रकरण को गंभीरता से लिया। इसके साथ ही एसडीएम सदर डा. अशोक सिंह को कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस दौरान पता चला कि एसडीएम ने 18 मार्च को ही वर्कशाप संचालक को नोटिस जारी कर उन्हें 31 मार्च को कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया था लेकिन वे नहीं आए। इस पर डीएम ने एसडीएम को वर्कशाप संचालक के विरुद्ध अगली कार्रवाई के रूप में वारंट जारी कराने का आदेश दिया।