बिजली निगम ने 25 और 63 केवीए के वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि की जिम्मेदारी अपने वर्कशॉप को दे दी है, जबकि अन्य ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि पहले की तरह डिवीजनों के माध्यम से ही होगी। चिह्नित 681 स्थानों पर 25 की जगह 63 केवीए और 63 की जगह 100 केवीए के ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे।
मंडल के आजमगढ़, मऊ और बलिया जिले में इस बार विभिन्न क्षमता के कुल 1316 वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि के लिए निगम ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। इसकी मंजूरी भी मिल चुकी है।
इस बार इसमें से 25 और 63 केवीए के 681 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि की जिम्मेदारी निगम के वर्कशॉप को दी गई है। वर्कशॉप के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि 25 केवीए के आजमगढ़ की दोनों सर्किलों में 215, मऊ में 132 और बलिया में 59 की क्षमता वृद्धि होनी है।
इसी प्रकार 63 केवीए के आजमगढ़ की दोनों सर्किलों में 117, मऊ में 72 और बलिया में 86 की क्षमता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षमता वृद्धि के दौरान 25 की जगह 63 केवीए और 63 की जगह 100 केवीए का नया ट्रांसफॉर्मर लगाया जाएगा।
नए ट्रांसफॉर्मर बाहर से आने वाले हैं। संभवत: अक्तूबर या नवंबर से क्षमता वृद्धि का काम शुरू हो जाएगा। कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति पहले से काफी बेहतर होगी और ओवरलोड की समस्या भी खत्म होगी। इससे ट्रांसफॉर्मर भी कम डैमेज होंगे।
00 वर्जन
25 और 63 केवीए के ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि का काम वर्कशॉप को दिया गया है। स्टोर में नया ट्रांसफॉर्मर आने वाला है। अक्तूबर या नवंबर से क्षमता वृद्धि का काम शुरू हो जाएगा। -आशीष कुमार, एक्सईएन वर्कशॉप।