निजामबाद क्षेत्र में महर्षि दत्तात्रेय आश्रम के बगल में बांस के चह से नदी पार करते है लोग।
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निजामाबाद। जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर स्थित महषि दत्तात्रेय आश्रम हिंदू आस्था का बड़ा केंद्र है। हजारों की संख्या में श्रद्घालू यहां स्थित मंदिर में मत्था टेकने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन यहां तमसा नदी पर पुल न होने से लोगों को लकड़ी के पुल का सहारा लेना पड़ता है। लगभग आठ वर्ष पूर्व यहां पर पुल बनाने की कोशिश शुरू हुई थी लेकिन आज वह भी ठप पड़ी है।
यहीं पर तमसा नदी के किनारे शवदाह गृह बनाया गया है। शवदाह गृह और मंदिर के बीच में क्षेत्र के एक बड़े समाजसेवी द्वारा पुल बनाने की कवायद शुरू की गई। लगभग सैकड़ों ट्राली ईंट कुछ लोगों ने दी और समाजसेवी द्वारा तमसा नदी के किनारे पुल बनाने की कवायद शुरू की गई। लेकिन किसी कारण से पुल का निर्माण रूक गया जो आज तक शुरू नहीं हो सका है। यह निर्माण किस कारण से रोका गया इसके बारे में भी किसी को कोई जानकारी नहीं। जबकि पुल निर्माण के लिए नदी के किनारे एक पावे की स्थापना की गई थी जो आज भी मौजूद है। इस पुल के बन जाने से लगभग 15 से 20 गांवों के हजारों लोग निजामाबाद पहुंचने में कम दूरी तय करेंगे और महर्षि दत्तात्रेय आश्रम पर दर्शन पूजन भी कर सकेंगे। इसी के ठीक बगल में लकड़ी का पुल बना हुआ है जो आने जाने में सहायक तो है लेकिन खतरा बना रहता है। कई सरकारें आई और चली गई कई जनप्रतिनिधि वादे करके चले भी गए लेकिन आज तक इस पुल की कोई भी सुधि लेने वाला नहीं आया। जबकि इस पुल के बन जाने से आवागमन में काफी आसानी हो जाएगी। छात्र आसानी से विद्यालय पहुंच सकेंगे। हरी सब्जी पैदा कर चंदाभारी त्रिमुहानी सहित आदि क्षेत्र के किसान आसानी से निजामाबाद हरी सब्जी मंडी ला सकते हैं।