लाटघाट। रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ चल रहा महिलाओं का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। धरने के पांचवें दिन राजनीतिक दलों के नेताओं का आना लगातार जारी रहा। समाजवादी पार्टी के नेता आरके चौधरी ने पीड़ित महिलाओं का दर्द सुना।
बुधवार को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पूर्व मंत्री आरके चौधरी के नेतृत्व में पलिया गांव पहुंचा। पुलिस द्वारा 29 जून की रात में की गई तोड़फोड़, महिलाओं के साथ अभद्रता, लूटपाट को देखा और इसकी निंदा की। आरके चौधरी ने कहा कि जिस तरह का कृत्य पुलिस द्वारा अनुसूचित समाज के साथ किया गया है वह प्रदेश में कहीं अब तक देखने को नहीं मिला। प्रदेश की सरकार द्वारा अब तक दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो जानी चाहिए थी। लेकिन सरकार के लोग जानबूझकर गरीबों को न्याय देने से बच रहे हैं। लेकिन सपा इस अन्याय के खिलाफ अब चुप नहीं बैठेगी। अनुसूचित जाति, पिछड़े, शोषित समाज की लड़ाई सपा सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी। पलिया की घटना विधानसभा में पहले ही दिन उठाया जाएगा। पूरे प्रदेश में वर्तमान सरकार लोगों की आवाज डंडे के बल पर दबा रही है। हमने इस गांव में हुए पुलिसिया अत्याचार को देखा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश जी को इस पूरी घटना की जानकारी दी जाएगी और जैसा उनका निर्देश मिलेगा सपा पूरी ताकत के साथ अनुसूचित समाज के साथ खड़ी रहेगी। जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि मैं पहले दिन से ही पलिया गांव में हुए अत्याचार के खिलाफ खड़ा हूं। प्रतिनिधि मंडल में विधायक कल्पनाथ पासवान, विधायक नफीस अहमद, पूर्व विधायक बेचई सरोज, पूर्व विधायक बृजलाल सोनकर, जयराम पटेल, शिव सागर यादव, दिनेश यादव, रमायण यादव, श्याम बिहारी राम, रविंद्र चौहान आदि शामिल रहे।