स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार का पूरा फोकस है। उसके बाद भी शनिवार को कुछ ऐसा ही नजारा उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सठियांव में देखने को मिला। नसबंदी के बाद 30 से अधिक महिलाओं को बेड भी नसीब नहीं हुआ और उन्हें फर्श पर ही लिटा दिया गया। नसबंदी का दिन न होने के बाद भी महिलाओं की बिना व्यवस्था किए ही नसबंदी कर दी गई।
उच्चीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सठियांव में शनिवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान चिकित्सक द्वारा 30 से अधिक महिलाओं की नसबंदी गई। नसबंदी के दौरान अस्पताल परिसर में कोई व्यवस्था नहीं थी। यहां तक कि बेड भी मौजूद नहीं था। इसके कारण नसबंदी के बाद फर्श पर लेटी महिलाएं कराह रही थी। हालांकि इस दौरान लगभग एक दर्जन महिलाओं को बेड पर लिटाया गया था। प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. अजय कुमार जायसवाल ने बताया कि 30 महिलाओं की आज नसंबदी हुई है। वहीं नसबंदी के बाद महिलाओं को बेड की बजाए जमीन पर लिटाए जाने बात पर बगले झांकने लगे। वहीं सीएमओ डाॅ. आईएन तिवारी ने कहा कि आज तो सठियांव में कैंप का दिन ही नहीं था। अगर हुआ भी तो उन्हें बेड की व्यवस्था करनी चाहिए थी। मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। लेकिन मैंने उनको जानकारी होने पर तत्काल टेंट हाउस से चारपाई आदि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।