ग्रामीण न्यायालय के गठन का अधिवक्ताओं ने शनिवार को भी विरोध किया। न्यायालय के सामने रास्ता जाम कर प्रदर्शन करने के साथ ही बैठक कर ग्रामीण न्यायालयों के लिए न्यायिक अधिकारियों के तैनाती पर रोष जताया गया। इसके साथ ही आंदोलन को जारी रखने का भी ऐलान किया गया।
शासन के निर्देश पर जिले के चार तहसीलो मेंहनगर, फूलपुर, बूढ़नपुर व लालगंज में ग्रामीण न्यायालय स्थापित हुआ है। जिसका वसूली पूरजोर विरोध कर रहे है। शनिवार को भी दीवानी न्यायालय के वकीलों ने रास्ता जाम कर विरोध दर्ज कराया। वहीं बार सभागार में बैठक कर ग्रामीण न्यायालय के लिए न्यायाधिकारियों की तैनाती पर रोष जताया गया। बैठक में प्रस्ताव पास कर कहा गया कि आजमगढ़ न्यायालय में पहले से न्यायिक अधिकारियों के पद रिक्त है। ऐसे में यहां तैनात न्ययिक अधिकारियों को ग्रामीण न्यायालयों में तैनात किया जाना गलत है। इसके विरोध में वकीलों ने न्यायिक कार्यो से विरत रहने का निर्णय लिया। इसके साथ ही ग्रामीण न्यायालय के विरोध में संघर्ष के लिए गठित संयुक्त संघर्ष समिति में द डिस्टि्रक्ट बार, सेंट्रल बार व सेल टैक्स बार के अध्यक्ष मंत्री को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष अशोक कुमार व संचालन आनंद श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान राजेंद्र प्रसाद सिंह को संघर्ष समिति का संयोजक नियुक्त किया गया।