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महिला हेल्पलाइन प्रभावी नहीं, मजबूत करेंगे

Sun, 31 Jan 2016 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
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प्रदेश में महिला हेल्पलाइन 1090 अभी उतनी प्रभावी नहीं हो पाई है जितनी उम्मीद की जा रही थी। इसे और मजबूत बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने धन उपलब्ध कराया है। यह बातें रविवार को पुलिस लाइन परिसर में प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा और डीजीपी जावीद अहमद ने संयुक्त रूप से कही।
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उन्होंने कहा कि दो सप्ताह बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था किसी भी दशा में नहीं बिगड़ने दिया जाएगा। किसी भी प्रकार की हिंसा किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं होगी। पत्रकारों से मुलाकात से पहले अधिकारियों ने मंडल के कानून व्यवस्था की समीक्षा की। जनप्रतिनिधियों से मिलकर उनसे सुझाव और समस्याओं को जाना।

प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा ने कहा कि समीक्षा के दौरान कई ऐसे मामले पाए गए जिनका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है। उनके वर्कआउट के लिए निर्देश दिया गया। साथ ही अधिकारियों को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, महिला हिंसा से जुड़े मामलों पर नियंत्रण रखने, अपराधी छवि वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और पंजीकृत गिरोह के प्रमुखों और उनके सदस्यों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
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 दो सप्ताह बाद वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि मंडल के तीन अधिवक्ताओं की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक है। घरवालों को सुरक्षा मुहैया कराने को कह दिया गया है। रही बात आर्थिक सहायता की तो अधिवक्ता संगठन से वार्ता हुई है।

इनका प्रस्ताव सरकार के समक्ष रख दिया जाएगा।
एक सवाल के जवाब में डीजीपी जावीद अहमद ने माना की महिला हेल्पलाइन 1090 की क्षमता अभी कम है। सरकार से इसको और प्रभावी बनाने के लिए बजट मिला है। इस हेल्पलाइन को और मजबूत बनाने का काम शुरू है। ब्लाक प्रमुखी चुनाव में असलहों के प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए आईजी, डीआईजी और एसपी को सख्त निर्देश दिया गया है। इस अवसर पर एडीजी कानून व्यवस्था रंजित चौधरी, आईजी जोन वाराणसी एसके भगत, मंडलायुक्त आरपी गोस्वामी, डीआईजी उमेश कुमार श्रीवास्तव, डीएम सुहास एलवाई, एसपी दयानंद मिश्रा, एसपी ग्रामीण अशोक वर्मा, एसपी सिटी विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।

4200 वाहन खरीदने की तैयारी : प्रदेश सरकार की ओर से एक लाख की आबादी पर एक थाना खोले जाने की दो वर्ष पूर्व शुरू की गई योजना बंद हो गई है। अब प्रदेश में 4200 वाहनों के जरिए हाईवे पेट्रोलिंग कर अपराधियों पर नजर रखने की योजना तैयार की जा रही है।

अत्याधुनिक संयंत्र और असलहों से लैस इस जीप में एक दरोगा और तीन सिपाहियों की ड्यूटी रहेगी। वाहनों की खरीदारी के लिए कंपनियों से कोटेशन मांगा गया है। सब कुछ सही रहा तो आगामी छह माह केे भीतर यह योजना लागू कर दी जाएगी। लखनऊ स्थित पुलिस कंट्रोल रूम (100) से इसका संचालन होगा। पुलिस लाइन में रविवार को प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा ने यह जानकारी दी।

प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद प्रत्येक एक लाख की आबादी पर एक थाना खोले जाने की घोषणा की गई। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों से उन चौकियों की रिपोर्ट मंगवाई गई, जिनके पास खुद की जमीन पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। बाद में अत्यधिक खर्च और दरोगा, सिपाहियों की भारी संख्या में कमी के चलते इस योजना पर रोक लगा दी गई।

 अब सरकार वाहनों से भ्रमण कर आपराधिक वारदातों पर लगाम लगाने और अपराधियों की निगहबानी करने के लिए दूसरा तरीका अपना रही है। इसके तहत प्रदेश में 4200 नए वाहनों के जरिए कानून व्यवस्था का राज कायम करने की योजना तैयार कर रही है। 25 जिलों में सिपाहियों को आवास देने जैसी सुविधाओं पर काम चल रहा है।

क्या है योजना : जिले के प्रत्येक प्रमुख मार्गों पर पुलिस की एक जीप लगाई जाएगी। अत्याधुनिक संयंत्र और असलहों से लैस इन जवानों के जरिए लूट, अश्लीलता, छेड़खानी, वाहनों से की जाने वाली अवैध वसूली जैसे मामलों पर रोक लगाना है। घटना कर भाग रहे अपराधियों को भी पकड़ने में इनकी मदद ली जाएगी।
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