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कान की घर लौटने के लिए नहीं थे पैसे तो बेचनी पड़ी कान की बाली, मुंबई से पहुंची आजमगढ़, तय करना है गोरखपुर तक का सफर

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रोडवेज के पास बैठी ट्रक से मुंबई से आई महिला। इसने बताया कि पैसे नहीं थे तो घर आने के लिए अपने कान क? - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। मुंबई से एक महिला ट्रक से बच्चों को लेकर रविवार की सुबह आजमगढ़ पहुंची। ट्रक चालक आजमगढ़ बस स्टैंड के पास उसे उतार कर चलता बना। उसका आरोप है कि रोडवेज पर उसे कोई यह बताने वाला नहीं है कि गोरखपुर कौन सी बस जाएगी।
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गोरखपुर जिले की रहने वाली सविता मुंबई में रह कर काम करती थी। उसके साथ उसके तीन बच्चे भी मुंबई में ही रहते थे। लॉकडाउन के बाद जहां काम ठप हो गया और खाने-पीने की समस्या भी खड़ी हो गई। इस बीच एक ट्रक वाले ने गोरखपुर छोड़ने के लिए तीन हजार रुपये की मांग की। पैसा तो था नहीं फिर कान की बाली बेच कर ट्रक चालक को किराया दिया और बच्चों के साथ मुंबई से घर के लिए निकल पड़ी। आजमगढ़ बस स्टेशन के पास ट्रक चालक उसे छोड़ कर चला गया। अब वह आजमगढ़ स्टेशन पर गोरखपुर जाने वाली बस के इंतजार में बैठी थी। उसका कहना है कि पूरे रास्ते कहीं भी न तो भोजन मिला न ही पानी। जो साथ लायी थी उसे बच्चों को खिला कर किसी तरह यहां तक पहुंची है। आजमगढ़ बस स्टेशन पर भी कोई यह नहीं बता रहा है कि गोरखपुर कौन सी बस जाएगी और कब जाएगी। बहुत परेशानी है, किसी तरह घर पहुंच जाऊं तो ही राहत मिले।
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