आजमगढ़। मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई मारपीट की घटना में पुलिस पर एक तरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए निषाद समाज की महिलाओं ने रविवार को गौरीशंकर घाट मंदिर पर बैठक की। पुलिस की कार्रवाई पर महिलाओं ने रोष प्रकट किया।
बैठक में कौशल्या देवी ने कहा कि छह सितंबर को प्रतिमा विसर्जन के दौरान अराजकतत्वों द्वारा प्रतिमा पर पत्थर फेंका गया। मना करने पर लोग सुनियोजित तरीके से मारपीट करने पर उतारू हो गए। इसके बाद प्रशासन द्वारा हिंदू पक्ष के लोगों पर एकतरफा कार्रवाई की गई। पुलिस ने हमारी प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की गई। इस मामूली सी घटना में सत्ता पक्ष के लोगों द्वारा मुस्लिम समुदाय के लोगों का पक्ष लिया गया। इतना ही नहीं जनप्रतिनिधियों ने भी निषाद समाज के युवकों को ही मुल्जिम बनवाने में मदद की जो निंदनीय है। घटना में बिना वजह पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई करते हुए रिंकू सोनकर और जितेंद्र निषाद को जेल भेज दिया गया। कौशिल्या देवी ने कहा कि अगर हमारे समाज के नवयुवकों ने जल्द से जल्द रिहा नहीं किया गया तो हम लोग बृहद आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी। इस मौके पर सुभावती देवी, माया देवी, श्याम दुलारी, सुधरी देवी, उर्मिला देवी, जगवंती देवी, फूलमती देवी, सितावी देवी, इनारमती देवी, गुड्डी देवी आदि उपस्थित थीं। अध्यक्षता माया देवी और संचालन श्याम दुलारी ने किया।