परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान ही हालत बिगड़ने लगी, लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। रविवार सुबह जब महिला की मौत की सूचना दी गई, तो परिजन भड़क उठे और अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे।
सूचना मिलते ही कोतवाल सच्चिदानंद और हल्का दरोगा डीके त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इस दौरान गांव के संभ्रांत लोगों की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता हो गया। मृतका का पति रोजी रोटी के सिलसिले में बंगलौर रहता है। उसे भी सूचना दे दी गई है। इस बाबत, कोतवाल ने बताया कि मामले को शांत करा दिया गया है। परिजनों की सहमति पर शव को उन्हें सौंप दिया गया है।