फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में महिला की मौत, हंगामा कर रहे लोगों पर लाठियां भाजीं, घटना से मचा हड़कंप, आक्रोश

Wed, 04 Nov 2020 12:09 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
विज्ञापन
अस्पताल में लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

आजमगढ़ जिला अस्पताल परिसर में मंगलवार की शाम उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एक महिला की डॉक्टर के न मिलने के चलते मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर कोतवाल पहुंचे तो परिजन उनसे भी भिड़ गए, जिस पर कोतवाल ने फोर्स बुला लिया और लाठियां भांज कर भीड़ को कंट्रोल किया। इस दौरान पुलिस की लाठी से मृतका के परिवार की एक महिला भी घायल हो गई। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

विज्ञापन


कप्तानगंज कस्बे की रहने वाली 50 वर्षीय अनिता जायसवाल पत्नी विनोद जायसवाल हृदय रोगी थी। उसकी तबीयत खराब होने पर परिजनों ने उसे जिला मुख्यालय स्थित एक प्राइवेट अस्पताल पर भर्ती कराया था। । मंगलवार की शाम प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ने महिला की हालत गंभीर होने पर रेफर कर दिया। इस पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।

जिला अस्पताल में महिला को देखने के लिए कोई डॉक्टर नहीं था। इसी दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत होते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। अस्पताल पर हंगामे की जानकारी होते ही शहर कोतवाल केके गुप्ता मयदल बल मौके पर पहुंच गए। कोतवाल मृतका के परिजनों को समझा रहे थे लेकिन वे कुछ सुनने को तैयार नहीं थे।
विज्ञापन


इसी दौरान परिजनों की कोतवाल से कहासुनी और हाथापाई भी हो गई। इसके बाद कोतवाल ने पीएसी के जवानों को बुला कर हंगामा कर रहे लोगों पर लाठियां फ टकरवा दीं। इससे भीड़ तो छंट गई लेकिन मृतका के परिवार की एक महिला रिया जायसवाल घायल हो गई। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में ही भर्ती कराया गया है।
 

विज्ञापन

वही मृतका के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शहर कोतवाल केके गुप्ता ने बताया कि महिला की मौत के बाद परिजन ज्यादा आक्रोशित हो उठे थे और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर ले जाकर जाम करने की बात कह रहे थे। परिजनों के हंगामे को देखते हुए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद शव पीएम के लिए मर्चरी में रखवा दिया गया। मौके पर पुलिस अभी भी तैनात है।

मरीज गंभीर हाल में लाई गई थी। डॉ. रामकेवल ने उसे एडमिट किया था और फिर डॉ. राजनाथ ने उसे देखा था और हालत गंभीर बताते हुए रेफर भी कर दिया था। इसी दौरान डॉ. कुशवाहा भी वहां पहुंच गये। उन्होंने मरीज को जब देखा तो उसी मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिजनों ने डॉ. कुशवाहा के साथ मारपीट की और उनके कपड़े तक फाड़ दिए। अस्पताल प्रशासन ने इलाज में कोई लापरवाही नहीं की और एक नहीं तीन-तीन डॉक्टरों ने मरीज को देखा था। डॉक्टर के न मिलने व लापरवाही का आरोप सरसर गलत है।
डॉ. एसकेजी सिंह, एसआईसी, जिला मंडलीय अस्पताल।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें