वही मृतका के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शहर कोतवाल केके गुप्ता ने बताया कि महिला की मौत के बाद परिजन ज्यादा आक्रोशित हो उठे थे और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर ले जाकर जाम करने की बात कह रहे थे। परिजनों के हंगामे को देखते हुए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद शव पीएम के लिए मर्चरी में रखवा दिया गया। मौके पर पुलिस अभी भी तैनात है।
मरीज गंभीर हाल में लाई गई थी। डॉ. रामकेवल ने उसे एडमिट किया था और फिर डॉ. राजनाथ ने उसे देखा था और हालत गंभीर बताते हुए रेफर भी कर दिया था। इसी दौरान डॉ. कुशवाहा भी वहां पहुंच गये। उन्होंने मरीज को जब देखा तो उसी मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिजनों ने डॉ. कुशवाहा के साथ मारपीट की और उनके कपड़े तक फाड़ दिए। अस्पताल प्रशासन ने इलाज में कोई लापरवाही नहीं की और एक नहीं तीन-तीन डॉक्टरों ने मरीज को देखा था। डॉक्टर के न मिलने व लापरवाही का आरोप सरसर गलत है।
डॉ. एसकेजी सिंह, एसआईसी, जिला मंडलीय अस्पताल।