आजमगढ़। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने शुक्रवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के तहत नियमित टीकाकरण, मिशन इंद्रधनुष एवं कोविड वैक्सीनेशन की ब्लाकवार समीक्षा किया। जिसमें जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. संजय एवं डीपीएम मौजूद रहे। नियमित टीकाकरण की मानीटरिंग में फिसड्डी मिलने पर दो एमओआईसी (मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज) का वेतन रोक दिया गया।
जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान जनपद की माह फरवरी तक की उपलब्धि पर घोर नाराजगी व्यक्त किया। निर्देश दिया कि पूर्ण प्रतिरक्षण प्रदेश के 81 प्रतिशत के सापेक्ष जनपद की उपस्थिति 82 प्रतिशत है। जहां राज्य औसत से ब्लाकवार जिन-जिन उपकेंद्रों की उपलब्धि कम है जूम वीसी के जरिए उपकेंद्रवार इसकी समीक्षा की जाएगी। जिन उपकेंद्रों पर अपडेटेड ड्यूलिस्ट की उपलब्धता 60 प्रतिशत से कम माह फरवरी तक मिली वहां के एएनएम का वेतन तब तक रोका जाए जब तक की उन आशाओं द्वारा शत प्रतिशत अपडेटेड ड्यू लिस्ट बनवा न लें। माह फरवरी तक पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित टीकाकरण केंद्रों की मॉनिटरिंग ब्लाक लालगंज में एक प्रतिशत एवं अहरौला में सात प्रतिशत हुआ है। जिसके लिए संबंधित एमओआईसी का वेतन तत्काल प्रभाव से रोका जाता है। कोविड टीकाकरण के तहत 12-14 वर्ष एवं 15-17 वर्ष है, लाभार्थियों की प्रगति अत्यंत दयनीय है। जिलाधिकारी ने सभी को निर्देशित किया है कि बीएसए व एबीएसए से संपर्क स्थापित कर कार्ययोजना बनाकर 03 दिन के अंदर शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल करें।