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कर्मचारी करेंगे हेलमेट के लिए जागरूक

Fri, 24 Jun 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
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हेलमेट
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हेलमेट न पहनने के कारण जून माह में अब तक हुए कुल 37 सड़क हादसों में 35 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 18 लोगों की मौत सिर में चोट लगने से हुई है। ये 18 लोगों ने हेलमेट नहीं पहना था। ट्रैफिक विभाग का मानना है कि यदि यह लोग नियम और आदेश का पालन करते हुए बाइक चलाते समय हेलमेट पहनते तो इनके सिर में चोट नहीं लगती और इनकी जान बच सकती थी। इस प्रकार के आए दिन हो रहे हादसों के बाद भी लोग नहीं सबक ले रहे और धड़ल्ले से बगैर हेलमेट पहने फर्राटा भरते हैं। 
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हादसों में बाइक सवारों की मौत के मामलों को गंभीरता से लेते हुए दोपहिया चालकों और पीछे बैठने वालों के हेलमेट पहनने को शासन स्तर से अनिवार्य कर दिया गया है।  अब हेलमेट पहनने के लिए  लोगों में जागरूकता फैलाई जाएगी। सरकारी कर्मचारियों की भी मदद ली जाएगी। पुलिस बीच-बीच में अभियान चलाकर ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करती है लेकिन उसका इन पर कोई असर नहीं। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुपालन में प्रशासन सरकारी कर्मचारियों की भी मदद लेगा।  सरकार ने कई बार बाइक चलाते समय हेलमेट, कार चलाते समय सुरक्षा सीट लगाकर चलने का निर्देश दिया। लेकिन वाहन चालकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। 

पुलिस की मानें तो बाइक चलाते समय ज्यादातर युवक और किशोर ही हादसे का शिकार होते हैं। ऐसे युवक वाहन तो तेज चलाते हैं लेकिन हेलमेट नहीं पहनते। ऐसे लोग ही थोड़ी सी चूक में या तो अपनी जान गंवा देते हैं। ट्रैफिक विभाग से प्राप्त आंकड़ा के मुताबिक जून माह में अब तक 37 सड़क हादसों में 35 लोगों की मौत और 26 लोग घायल हुए हैं। इनमें 18 लोगों की मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई है। हादसे के वक्त कोई भी हेलमेट नहीं पहना था।
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बाइक चलाते समय बैठने और चलाने वालों को हेलमेट अनिवार्य का फैसला कैबिनेट ने लिया है। उस आदेश का पालन कराया जाएगा। जागरुकता के लिए सरकारी कर्मचारियों की भी मदद ली जाएगी क्योंकि यह सभी की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है।  - महेंद्र वर्मा, प्रभारी डीएम/सीडीओ 

कैबिनेट ने बाइक चलाने और पीछे बैठने वालों को हेलमेट पहनने का निर्णय लिया है लेकिन अभी तक इस मामले में किसी भी प्रकार की गाइड लाइन नहीं जारी की गई है। शासनादेश मिलने के बाद नियमों का पालन कराया जाएगा।  - अजय कुमार साहनी, एसपी 
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