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पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा धाम

Sat, 18 Jun 2016 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ़
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अवंतिकापुरी
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 जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने शुक्रवार को अवंतिकापुरी धाम का निरीक्षण किया। उन्होंने अवंतिकापुरी के बारे में लेखक और कवि दयाशंकर से जानकारी प्राप्त की। मंदिर में दर्शन पूजन कर अवंतिकापुरी को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही। 
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जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने विशाल तालाब देख प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह बहुत ही विशाल तलाब है। इस तालाब को विकसित किया जाएगा। तालाब की खोदाई कराकर इसमें पानी भरवाकर नौका विहार कराया जाएगा। इस स्थल को चारों तरफ से विकसित करके पर्यटक स्थल बनाया जाएगा। जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर अमृत लाल बिंद को निर्देशित किया कि तालाब के अगल-बगल जितने लोगों की ओर से किए गए अतिक्रमण को हटवाएं।

उन्होंने लेखपाल को निर्देशित किया कि इसके चारों तरफ सरकारी जमीन का चिन्हांकन करते हुए अवैध कब्जे को हटवाएं। जिलाधिकारी ने कोटिला बाजार से आंवक मंदिर तक सड़क को बनवाने का निर्देश दिया। बोले इस तालाब को सुंदर ढंग से बनाया जाएगा, इसके चारो तरफ घाट और तालाब के बीच में फब्बारा लगाया जाएगा। तालाब में बोरिंग कराई जाएगी। इस स्थल और तालाब को ऐसा सुंदर बनाया जाएगा कि यहां 365 दिन लोगों का आना-जाना लगा रहे।
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इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र वर्मा, एसडीएम सदर अमृतलाल बिंद, खंड विकास अधिकारी शास्त्री जी दुबे, ग्राम प्रधान आवक अब्दुल हई, जमानपुर भेलखारा के ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव आदि उपस्थित थे। उधर, लेखक और कवि दयाशंकर विश्वकर्मा ने जिलाधिकारी को बताया कि आवक के संबंध में अनेक कथाएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि श्री कृष्ण और बलराम के विद्याध्ययन स्थल संदीपनी ऋषि का आश्रम अवंतिकापुरी ही है जिसे आज आंवक कहा जाता है।

नागवंश के निर्मूलन के लिए राजा जन्मेजय द्वारा किया गया नागयज्ञ का स्थल यही है। यह भी कहा जाता है कि इस स्थल पर स्थित अवंती मंदिर की उंचाई है। इसके शीर्ष से बनारस का जलता दीपक दिखाई पड़ता था। यह भी कहा जाता है कि आंवक स्थित 84 बीघे का तीर्थ-सरोवर ही अवंतिकापुरी है। आज की सात पुरीयों में से एक अवंतिकापुरी है यह ग्राम आंवक ही है। 
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