आजमगढ़। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सोमवार को सपा विधायक रमाकांत यादव से मिलने के लिए इटौरा जेल पहुंचे। इस मुलाकात पर राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के प्रवक्ता और भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं। उलेमा कौंसिल के प्रवक्ता एडवोकेट तलहा रशादी ने कहा कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व आजमगढ़ के पूर्व सांसद अखिलेश यादव जेल में बंद हत्या के आरोपी व शराब माफिया के संरक्षक विधायक से मिलने तो पहुंच जाते हैं पर किसी मुस्लिम विधायक, सपा के मुस्लिम कार्यकर्ताओं से मिलने जेल नही जाते हैं।
उन्होंने पूछा कि अखिलेश ढाई साल तक जेल में बंद प्रदेश के बड़े नेता आजम खान से नहीं मिल पाते, न ही बरेली के अपने मुस्लिम विधायक शहजिल इस्लाम जिनकी संपत्ति पर भाजपा सरकार ने बुलडोजर चलवा दिया, उनसे मिलने जा पाते हैं और न ही अपने आजमगढ़ के संसदीय कार्यकाल में बिलरियागंज में सीएए आंदोलन के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज में घायल मुस्लिम महिलाओं, जेल में बंद मुस्लिम नौजवानों व बुजुर्गों से मिलने पहुंच पाते हैं।
वहीं भाजपा नेता आशुतोष मिश्र ने अखिलेश यादव के ऊपर तंज कसते हुये कहा कि पूर्व सीएम शराब कांड में दोषी से मिलने के साथ ही जो लोग इस जहरीली शराब से मर गये थे, काश उनके भी घर चले जाते या मृतकों के प्रति मीडिया के माध्यम से संवेदना ही व्यक्त कर देते। इसके अलावा पूर्व सांसद के साथ और अन्य लोग जो जेल गये हैं, उनमें गांधी महाविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष स्व. प्रहलाद यादव के घर भी जाकर शोक संवेदना व्यक्त कर देते, लेकिन जो मर गया इनके किस काम का, आखिर अब उसका पार्टी के लिये उपयोग ही कहां रह गया। अखिलेश तो उनसे मिलने आए थे जो शराब कांड में दोषी पाए गए हैं। इससे अखिलेश यादव की अपराध पसंद मानसिकता साफ झलक रही है।