आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के अटलस टैंक (बदरका) मुहल्ले में सोमवार की अल सुबह महज 16 हजार रुपये किराये की वजह से हुई दंपती की हत्या से सभी हतप्रभ हैं। गिरफ्तार आरोपियों से हुई पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि जिस समय गोली मारी गई थी वहां मकान मालिक की मां और उसका बेटा मौजूद था। पिता नीचे खड़ा था। गोली चलने के बाद मौके पर पहुंचा था। मौके से बरामद हुए तमंचे पर किसकी अंगुलियों के निशान हैं। इसकी जांच के लिए सैंपल भेजा गया है।
सीओ सिटी इलामारन ने बताया कि रविवार को दिन में 11 बजे करीब मकान के किराये को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। हालांकि मामला शांत हो गया। राकेश राय का किराएदार संजीव सिंह पर करीब 16 हजार रुपये बकाया था। साढ़े तीन माह का किराया बाकी था। हालांकि पहले लोग किराएदारी को लेकर तरह-तरह की बात किए, लेकिन रात को आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद जानकारी हुई। किराए को लेकर ही राकेश राय के घर में भी पत्नी और बच्चों से आपस में नोकझोंक हुई थी। घर में तनाव था। यही कारण है कि दूसरे दिन सोमवार की सुबह राकेश का बेटा अपनी मां प्रेमशीला राय को साथ संजीव के कमरे में पहुंच गया। वह दूसरे तल पर रहता था। कमरे में किराए को लेकर विवाद हुआ। तभी गोली चल गई। संजीव और उसकी पत्नी साधना दोनों के पेट में लगी। गोली की आवाज सुनकर राकेश भागकर ऊपर पहुंचे थे। सीओ सिटी ने बताया कि घटना के लिए राकेश राय का बेटा निशित राय और पत्नी प्रेमशीला दोनों की भूमिका ज्यादा है। घटना के बाद लोगों द्वारा पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। इस दौरान कई तरह से सवाल भी उठाए गए, क्योंकि घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं बचा है। पुलिस मरने से पहले संजीव और साधना का बयान रिकार्ड कर चुकी है। एसपी सिटी पंकज पांडेय ने बताया था कि घटना किराएदारी को लेकर हुई है। पुलिस ने अपना पक्ष मजबूत करने के लिए मौके से बरामद तमंचे पर अंगुलियों के निशान की जानकारी करेगी। इसके लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा है। वह जांच रिपोर्ट आने के बाद यह पता चल जाएगा कि गोली किसने चलाई।
तमसा किनारे एक साथ जली पति-पत्नी की चिता
अहरौला। थाना क्षेत्र के असिलाई गांव के दक्षिण स्थित तमसा नदी के किनारे संजीव सिंह और उसकी पत्नी की चिता सजाकर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान वहां मौजूद गांव और क्षेत्र के हर किसी की भी आंखें भर आई। लोग इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे थे। पति-पत्नी की मौत के बाद लोग इकलौते बेटे आकाश सिंह की तरफ देखते तो कभी जलती हुई चिता को । वहां मौजूद शायद ही कोई बचा हो, जिसकी आंख में पानी न आ गया हो। हर कोई आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे थे।