विगत 15 दिनों से जनपद में हो रही अघोषित बिजली कटौती से गर्मी के इस मौसम में लोग बिलबिला रहे हैं। सुबह से शुरू हो रही कटौती का क्रम पूरे दिन और रात लगभग 10 बजे तक चल रहा है। वहीं, विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इमरजेंसी रोस्टिंग की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
शासन द्वारा आजमगढ़ जनपद के नगर क्षेत्र के लिए 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 14 घंटे विद्युत आपूर्ति का शिड्यूल है। नगर क्षेत्र में सुबह नौ बजे से 10 बजे और रात को साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे कटौती का समय निर्धारित है लेकिन 22 घंटे के बजाए नगर क्षेत्र के इस समय मुश्किल से 14 से 16 घंटे ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। सुबह होते ही बिजली कटौती का क्रम शुरू हो जा रहा है।
भीषण गर्मी के इस मौसम में जहां लोग उमस से परेशान हैं। वहीं, बिजली की कटौती ने आम जन का हाल बेहाल कर दिया है। सुबह से शुरू हुआ विद्युत कटौती का क्रम रात लगभग 10 बजे तक चल रहा है। कभी-कभी तो रात के समय सोने में भी बिजली काट दी जा रही है, जिसे लेकर लोगों में रोष है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए तय 14 घंटे आपूर्ति के स्थान पर नौ से 10 घंटे ही आपूर्ति हो रही है।
इसके कारण धान की नर्सरी और सब्जी की खेती में जुटे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धान की नर्सरी को बचाने के लिए उनके द्वारा पंपिंग सेट का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके कारण उनकी जेब पर बोझ पड़ रहा है।
जनपद में बिजली कटौती नहीं की जा रही है। जो कटौती हो रही है, वह इमरजेंसी रोस्टिंग के कारण हो रही है। हम इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं। यहां से जो कटौती हो रही, वह लोकल फाॅल्ट होने पर ही कुछ समय के लिए हो रही है।
- मनीष निषाद, प्रभारी अधिशासी अभियंता
मांग से कम आपूर्ति
आजमगढ़। अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन आरएन मिश्रा ने बताया कि जनपद के 75 उपकेंद्रों के लिए कुल 310 मेगावाट बिजली की मांग है लेकिन किसी दिन 270 मेगावाट तो किसी 250 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जाती है। उन्होंने बताया कि हर दिन बिजली की आपूर्ति अलग-अलग होती है।