आजमगढ़। जनपद में पिछले कई दिनों से पड़ रहे कोहरे से राहत तो मिली लेकिन गलन से जनपदवासियों को मुक्ति नहीं मिल सकी है।
मंगलवार को सुबह साढ़े 10 बजे के करीब धूप तो निकली लेकिन पूरे दिन सूर्य बादलों से अठखेलियां करता रहा। सर्द पछुआं हवाओं के तेज चलने के कारण धूप भी शरीर को गर्म करने में नाकाम साबित हो रही थी।
विगत कई दिनों से जनपद में जारी कोहरे के कहर से लोगों को मंगलवार को मुक्ति मिल गई। कोहरा तो छंट गया लेकिन गलन से मुक्ति नहीं मिली। सुबह से सर्द पछुआं हवाएं बदन में सुई की तरह चुभ रही थी।
साढ़ेे 10 बजेे के आसपास धूप निकली तो लेकिन बादल होने के चलते गलन पूरे दिन बना रहीं। शाम को दिन ढलने से पूर्व ही वातावरण में गलन इतनी बढ़ गई कि बाहर निकले लोग घर जाने की जल्दी में दिखे।
शाम को जो भी घर से बाहर निकला उसकी निगाहें अलाव को तलाश करती नजर आई। स्कूलों में छुट्टी होने के कारण धूप निकलते ही बच्चे बैट, बाल, बैडमिंटन आदि लेकर मैदान में उतर गए।
लेकिन जैसे ही दिन ढलने लगा और गलन बढ़ी बच्चे भी घरों में दुबक गए। ठंड के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सबसे ज्यादा सर्दी, जुकाम, बुखार और कोल्ड डायरिया के पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. जीएल केशरवानी की मानें तो ओपीडी में ठंड के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मंगलवार को जनपद का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अभी कई दिनों तक जनपदवासियों को गलन से मुक्ति मिलने की संभावना नहीं हैै।