आपराधिक मामलों में आरोपियों की ओर से गवाहों को धमकी देने वालों की अब खैर नहीं है। अभियोजन निदेशालय ने गवाहों को सुरक्षा देकर अपराधियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से अभियान चलाया है। इसके तहत पुलिस प्रशासन गवाहों को सुरक्षा मुहैया कराकर अपराधियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा। गवाहों को साक्षी सुरक्षा कार्ड मुहैया कराया जाएगा। आजमगढ़ मंडल में ऐसे कुल 150 गवाह चिह्नित किए जाएंगे, जिन्हें पुलिस सुरक्षा मुहैया कराएगी और उनकी मदद करेगी।
रविवार को सर्किट हाउस में डा. सूर्य कुमार की अध्यक्षता में पुलिस और जिला प्रशासन की बैठक हुई। गवाही देकर सजा दिलाने वाली रौनापार थाना क्षेत्र की मानसी देवी, मोहम्मदाबाद गोहना के सकिल अहमद, बलिया की रेप पीड़िता महिला और मऊ की बालिका को सम्मानित किया गया। मंडलायुक्त नीलम अहलावत, डीएम सुहास एलवाई, एसपी मौजूद रहे।
डीजीपी अभियोजन ने बताया कि मुकदमे में गवाही किस तारीख पर देनी है, इसकी जानकारी प्रशासन की तरफ से गवाहों को नहीं मिल पा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह किसी भी स्तर से गवाही करने की सूचना गवाहों को भेजवाएंगे। इसके लिए थानों के पैरोकार, डाक, मोबाइल, एसएमएस आदि सुविधा का भी लाभ उठाया जाएगा।
आमतौर पर ऊंचे रसूख और धनाड्यों के पक्ष में पुलिसकर्मियों द्वारा गवाहों को अपनी गवाही न करने के लिए हथकंडे अपनाए जाते हैं। ऐसे कई मामले उजागर हुए। बताया कि इस प्रकार की शिकायत के लिए अभियोजन निदेशालय ने अलग से कंट्रोल रुम खोल रखा है। नि:संकोच शिकायत कर सकते हैं। संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। कंट्रोल रूम का नंबर 0522-2305780 और सीयूजी नंबर 9454456512 है। इस पर सूचना दी जा सकती है।