जिलों में मौसम ने करवट ली है। बृहस्पतिवार को सुबह करीब नौ बजे तेज हवा के साथ बारिश हुई। बादलों की गरज और बिजली चमक के कारण लोग जहां थे कुछ पल के लिए वहीं रुक गए। आंधी और बारिश से फसलों को नुकसान होने की संभावना है। जिन किसानों के गेहूं की फसल अभी नहीं कटी वह तो थोड़ी राहत में हैं लेकिन जिनके कटकर खेत में पड़े हैं उनको अधिक नुकसान होने की बात सामने आ रही है।
बृहस्पतिवार की सुबह से ही आधीं चलनी शुरु हुई। धूल के गुबार से राहगीरों को जूझना पड़ा। पेड़ों की पत्ते सड़कों पर बिखर गए। सुबह के समय जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। वहीं, मौसम के मिजाज को देख किसानों की चिंता बढ़ गई है। कारण कि किसानों की गेहूं की फसल पूरी तरह पककर तैयार है।
मौसम में अचानक बदलाव से न केवल कटाई में देरी होगी, बल्कि फसल के खराब होने का भी जोखिम बढ़ गया है। कुछ किसानों ने बताया कि कुछ खेतों में फसल काटकर बोझ बना दिए गए थे। आने वाले दिनों में इनकी कटाई होनी थी। लेकिन बारिश के कारण अब यह संभव नहीं है। बारिश से भीगी फसल को लेकर किसान काफी चिंतित हैं।