बदलते मौसम में सर्दी, जुकान, बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में अधिकतर इन बीमारियों से पीड़ित मरीज आ रहे हैं।
सीएमओ डॉ. आईएन तिवारी ने बताया कि समय के साथ लोगों में संक्रमण के लक्षणों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। विगत वर्ष तक इसके अधिसंख्य मामलों में ज्यादातर वे लोग चपेट में आ रहे थे जो 50 वर्ष से अधिक उम्र के थे या फिर उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और मधुमेह से ग्रसित थे। लेकिन जरा सी असावधानी में हर उम्र के लोग इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। ऐसे में गंभीरता के साथ एहतियात बरतने की जरूरत है। गले में खराश होना, गले में दर्द में होना या जुकाम होने जैसी समस्या है तो यह समस्याएं सायनस, मौसमी एलर्जी, ठंडे-गरम वातावरण में रहने तथा गलत खान-पान के कारण भी हो जाती है। इस तरह की समस्या होने पर घबराने के बजाए चिकित्सक से तत्काल संपर्क करें।
मंडलीय जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता नाक, कान एवं गला विशेषज्ञ डॉ. निर्मल रंजन सिंह ने बताया कि कई संक्रमण एक साथ हो सकते हैं। इन दिनों वायरस और बैक्टीरिया सक्रिय है। इसकी वजह से गला खराब होना, अचानक से छींके शुरू हो जाना, नाक में खुजली होना, नाक का नम रहना आदि समस्याएं हो सकती हैं। कोविड-19 के लक्षणों में भी जुकाम, खांसी, गले में खराश और सांस लेने की समस्या होती है। मंडलीय जिला चिकित्सालय में नाक,कान एवं गला की बीमारी के लिए तीन डाक्टरों की ओपीडी होती है। प्रत्येक डाक्टर की ओपीडी लगभग 40 से 50 मरीजों की होती है। 150 मरीजों की ओपीडी में 20 से 25 मरीज खांसी के साथ बलगम और गले की खराश से संबंधित होते हैं। नवंबर माह में 3852 मरीज, दिसम्बर माह में 3228 मरीज तथा जनवरी माह में 3086 मरीजों की ओपीडी हुई थी।