गौरव सिंह रघुवंशी ने बताया कि हरियाणा मेवात जिले के नूंह में महाभारत काल से ही भगवान शंकर का दर्शन-पूजन हेतु पांच मंदिरों पर श्रावण मास में शिवभक्त जाते है। धार्मिक यात्रा में लगभग 20-25 हजार दर्शनार्थी अभी यात्रा हेतु निकले ही थे कि 15 मिनट बाद उन पर कट्टरपंथी इस्लामिक जिहादियों ने पत्थरबाजी, आगजनी तथा गोलियां बरसानी शुरू कर दी।
हरियाणा में कट्टरपंथी जिहादियों द्वारा हिन्दू धार्मिक यात्रा पर किए गए हमले के विरोध में बजरंगदल का आक्रोश फूट पड़ा है। देशव्यापी प्रदर्शन के तहत हिन्दूवादी संगठनों के लोगों ने बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक गौरव रघुवंशी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका तिराहे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए जिहादियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग किया।
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गौरव सिंह रघुवंशी ने बताया कि हरियाणा मेवात जिले के नूंह में महाभारत काल से ही भगवान शंकर का दर्शन-पूजन हेतु पांच मंदिरों पर श्रावण मास में शिवभक्त जाते है। धार्मिक यात्रा में लगभग 20-25 हजार दर्शनार्थी अभी यात्रा हेतु निकले ही थे कि 15 मिनट बाद उन पर कट्टरपंथी इस्लामिक जिहादियों ने पत्थरबाजी, आगजनी तथा गोलियां बरसानी शुरू कर दी। जिसमें दो श्रद्धालुओं को गोलियां भी लगीं और दर्शनार्थियों के वाहन भी क्षतिग्रस्त करते हुए फूंक दिए गए। घटना पर आक्रोशित व पूरे व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गौरव रघुवंशी ने कहाकि क्या मेवात पाकिस्तान बन गया है, जहां हिन्दू अपने मंदिरों के दर्शन के लिए भी नही जा सकते, ऐसा दुष्कृत्य बर्दाश्त के बाहर है।
जिला संयोजक शशांक तिवारी ने आरोप लगाया कि इस घटना के जिम्मेदार वे कट्टरपंथी लोग हैं जो दंगाइयों को भड़काते हैं। उनके भड़काने के कारण से ही रामनवमी पर और अन्य हिन्दू धार्मिक यात्राओं पर इस प्रकार के कायराना हमले होते हैं। इस आतंकी हमले के कारण बजरंग दल के दो कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या हुई और समाज के तीन अन्य व्यक्ति भी बलिदान हुए है। बजरंगदल मांग करता है कि मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ आर्थिक सहायता दिया जाए। वहीं जो घायल हैं उन्हें 20 लाख रुपया मुआवजा दिया जाए। जिनके वाहन और बसें क्षतिग्रस्त किए गए और आग के हवाले किए गए। उसकी शतप्रतिशत क्षतिपूर्ति की जाए। पूरे मेवात क्षेत्र को सील करके कांबिंग कराई जाए और एक-एक जिहादी को पकड़कर सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाए। ताकि ऐसी घटना पुन: हो सके। इस अवसर पर अशोक अग्रवाल, दीनानाथ सिंह, प्रभुनाथ सिंह, आरपी राय, अरविंद, सूरज, अंशुमान, प्रशांत सिंह, उत्कर्ष, वेदप्रकाश, राजेश तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।