सगड़ी के मालटारी से रामगढ़ जाने वाले मार्ग लगे पानी से होकर गुजरते लोग।
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जललाटघाट। घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। नदी प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से बढ़ रही है। जलस्तर बढ़ने से देवारा क्षेत्र के 25 गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी जमा हो गया है। पानी बीच से होकर लोगों को गुजरना पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार की शाम बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 71:19 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार की शाम 23 सेमी बढ़कर 71.42 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। वहीं डिघिया नाले पर बृहस्पतिवार की शाम जलस्तर 69.18 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार की शाम 16 सेमी बढ़कर 69.34 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। बारिश होने से महुला गढ़वाल बांध में सैकड़ों रेन कट बन चुके हैं जिससे महुला गढ़वाल बांध पर भी खतरा मंडरा रहा है। महुला गढ़वाल बांध के उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ के संपर्क मार्ग सैकड़ों गांव के डूब गए हैं। अधिक बारिश होने पर बाढ़ जैसी स्थिति हो गई है। मानिकपुर, सोनौरा, बेलहिया, अजगरा मगर्वी, आराजी अजगरा में नाव चल रही है। चक्की हाजीपुर, देवारा खास राजा, बांका बूढ़नपट्टी, साहडीह, सोनौरा, अभनपट्टी, मानिकपुर सहित दर्जनों गांव ऐसे हैं जिनके संपर्क मार्ग डूब गए हैं। अचानक पानी बढ़ने से 25 गांव के संपर्क मार्ग डूब गए हैं। लोगों को डेढ़ से दो फुट पानी में होकर आना जाना पड़ रहा है। घाघरा नदी बढ़ने से तटवर्ती गांव में दहशत का माहौल है। नदी की कटान से तटवर्ती गांव में भय व्याप्त हो गया है। जूनियर हाई स्कूल बगहवा का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। गांगेपुर, देवारा खास राजा, अचल सिंह और सेमरी गांव में कटान तेज हो गई है। जो घाघरा के पानी बढ़ने से कटान में तेजी आ गई है। सहनुपुर, परसिया, गांगेपुर, हाजीपुर, सोनौरा, इस्माइलपुर, रोशनगंज, हैदराबाद आदि जगहों पर बंधे में रेन कट बन गया है।
लगातार हो रही बारिश से तमसा का जलस्तर बढ़ा।- फोटो : AZAMGARH