लाटघाट। मानसून ने दस्तक दे दी है। मूसलाधार बारिश होने से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे सगड़ी तहसील, के देवाराम क्षेत्र के गांगेपुर, मठिया, परसिया, देवारा खास राजा, अचलनगर में कटान का खतरा बढ़ गया है। वहीं पहाड़ों पर होने वाली तेज बारिश भी घाघरा नदी में तबाही मचाती है, जिसका असर दो-चार दिनों में देखने को मिल सकता है। कारण, बनबसा बैराज के जरिए शारदा नदी में लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है तो वहीं नेपाली नदियों सुहेली, कर्णाली के जरिए भी बड़े पैमाने पर पानी आता है।
जनपद के सगड़ी तहसील में सबसे ज्यादा बाढ़-कटान से फसलों, सार्वजनिक स्थलों को नुकसान होता है। इस विभीषिका को रोकने के लिए अभी तक स्थायी समाधान नहीं खोजा जा सका है। सिर्फ नदियों के किनारे कटान रोधी कार्य कराकर बाढ़ को रोकने की कवायद होती है। जिस पर करोड़ों रुपये बजट खर्च होता है। फिर भी नदियों के प्रचंड वेग से उत्पन्न बाढ़-कटान के आगे इंतजाम धरे रह जाते हैं। पिछले वर्ष बाढ़-कटान की जद में आकर देवारा खास राजा के मुरारी का पुरवा, त्रिलोकी का पुरवा आदि कई गांव नदी में समा गए थे। इस बार भी बाढ़ की रोकथाम के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके काम कटान को रोकने के लिए गागेपुर में ठोकर निर्माण का काम कराए जा रहे हैं। अब इससे कटान को रोकने में कितनी सफलता मिलती है, इसका आकलन भी जल्द हो जाएगा।