लाटघाट। सगड़ी तहसील की उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अब कहीं स्थिर तो कहीं घटने लगा है। जिसके कारण नदी ने कटान तेज कर दी है। कटान को देख तटवर्ती गांवों में भय व्याप्त हो गया है।
जनपद के देवरांचल से जाने वाली घाघरा में कटान तेज हो गई है। विगत 24 घंटे में घाघरा नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर स्थिर तो डिघिया नाले पर 18 सेमी घटाव दर्ज किया गया। बरहुंआ गेज पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर और डिघिया गेज पर 70.40 मीटर है। शुक्रवार को बदरहुंआ नाले पर शाम चार बजे नदी का जलस्तर 71.58 मीटर दर्ज किया गया था। जो शनिवार की शाम को 71.58 मीटर पर स्थिर रहा। जबकि न्यूनतम जलस्तर कई दिनों से 70.25 मीटर पर ही स्थिर है। यहां पर नदी का अधिकतम खतरा बिंदू 72.98 मीटर है। वहीं डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर शुक्रवार की शाम चार बजे 70.18 मीटर दर्ज किया गया था जो शनिवार को 18 सेमी घटकर 70.00 मीटर हो गया। जबकि न्यूनतम जलस्तर कई दिनों से 68.90 मीटर पर ही स्थिर है। यहां पर नदी का अधिकतम खतरा बिंदू 72.10 मीटर है। जलस्तर में हो रही बढ़ोत्तरी और घटोत्तरी के कारण नदी में कटान तेज होती जा रही है। नदी तेजी से कृषि योग्य भूमि को अपने आगोश में लेती जा रही है। किसान अपनी भूमि को घाघरा की धारा में विलीन होता देखने को विवश है।
घरों में घुसा पानी, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
लाटघाट। रौनापार थाना क्षेत्र के आराजी देवारा नैनीजोर कोलवा गांव के पास कुर्मी बस्ती, उर्दिहा रौनापार से निबियहवा मार्ग पर पांच पुलिया के पास एक पुलिया बनी है ।जिसको गांव के ही कुछ लोगों द्वारा मिट्टी डालकर पाट दिया गया है। पुलिया से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। जिससे कई गांव पानी से डूबे हुए हैं। इसको लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने रौनापार थाने पर प्रदर्शन किया। लोगों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और अवरूद्घ पुलिया को खुलवाकर पानी की निकासी सुनिश्चित की। इस मौके पर बुल्लू यादव, भागवत, मंतूख, अमरिका, भीम, दिनेश, रामचंद्र, नंदलाल, विश्वंभरी, सूर्यभान, मोती आदि उपस्थित थे।
महिलाओं और बच्चों को पहुंचाया रिश्तेदारी
लाटघाट। गांव में पानी घुसने के कारण रोशनगंज नई बस्ती के लोगों ने अपने परिवार को नात रिश्तेदार या मायके भेज दिया है। लगभग चार दर्जन लोगों के घरों में चूल्हे तक पानी घुसा हुआ है। जिसमें नंदलाल, सीताराम, जयराम, लौटू, प्रकाश, बालचंद, सत्यनारायण, हरिनारायण, कैलाश, रामरती, लाची, पाना, प्रभु, राजेश आदि के घरों में चूल्हे तक पानी घुसा है। लोग मजबूर होकर चौकी रखकर उस पर खाना पका रहे हैं।
दो दर्जन बच्चों सहित महिला और पुरुष बीमार
लाटघाट। गांव में पानी लगने से अब संक्रामक बीमारियां फैलने लगी हैं। जिसमें गोलू , आशीष , कमलदीप, गोलू , सौरभ , गोविंद, संतोष, दीपक , सोनू , अवधेश, चंपा, सुदामा, सुभागी , सुदर्शन, रश्मि, अंशू, रामानंद, मिश्री वर्ष सहित कई दर्जन लोग बीमार हैं। सड़े हुए पानी और दुर्गंध से लोगों में वायरल फीवर, खांसी, जुखाम, दस्त, शरीर पर दाग आदि पड़ जा रहे हैं। अभी तक शासन प्रशासन की तरफ से कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा। रोशनगंज दलित बस्ती आज 10 दिन से पानी से चारों तरफ से गिरी हुई है। लोगों को खाने के लाले पड़े हैं तो बीमारों का कोई इलाज करने वाला नहीं है।
जहानागंज के प्राथमिक विद्यालय जिगरसंडी में लगा बरसात का पानी ।- फोटो : AZAMGARH