अतरौलिया। स्थानीय थाना क्षेत्र के गनपतपुर मिश्रौलिया गांव के ग्रामीण शिक्षक नेताओं के साथ सोमवार को पुन: थाने पर पहुंचे और घेराव कर प्रदर्शन किया। ग्रामीण एक पक्षीय कार्रवाई किए जाने पर आक्रोशित थे। इस दौरान शिक्षक संघ के नेताओं ने चेतावनी दिया कि यदि 48 घंटे में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
गनपतपुर मिश्रौलिया गांव निवासी रामफेर मिश्रा 20 अगस्त को सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए 100 शैय्या अस्पताल अतरौलिया लाया गया था। जहां डॉक्टर व परिजनों में विवाद हुआ था। इलाज शुरू होने के पहले ही रामफेर की मौत हो गई थी। डॉ. संतोष वर्मा व मृतक के परिजन आशुतोष मिश्रा के बीच कहासुनी भी हुई थी। डॉक्टर ने इस बाबत थाने पर आशुतोष के खिलाफ तहरीर दिया था। तहरीर की जानकारी पर आशुतोष की तरफ से प्राथमिक शिक्षक संघ के अभिमन्यू यादव समेत काफी संख्या में ग्रामीण अगले दिन थाने पर पहुंचे और प्रदर्शन कर डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने और मृतक के जेब से 20 हजार रुपये गायब करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दिया। रविवार को डॉक्टर की तहरीर पर पुलिस ने आशुतोष पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया लेकिन आशुतोष की तहरीर को दरकिनार कर दिया। जिस परसोमवार को शिक्षक संघ के अध्यक्ष अभिमन्यू यादव के नेतृत्व में शिक्षकों व ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। इस दौरान प्रभारी एसओ माखन सिंह ने कहा कि उच्चाधिकारियों का निर्देश है कि क्रास मुकदमा नहीं दर्ज किया जाए। जिस पर शिक्षक व ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। शिक्षकों व ग्रामीणों ने चेतावनी दिया कि यदि 48 घंटे के अंदर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर फूलचंद यादव, देवनरायण मिश्रा, सुरेंद्र यादव, अवनीश पांडे, डब्बू तिवारी, करूणाकांत पांडेय, राजू पांडेय, वीरेंद्र पांडेय, परमहंस यादव आदि मौजूद रहे।