सठियांव चीनी मिल गेट के तौल केंद्र पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से वार्ता करते मिल के सचिव और सीसीओ?
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सठियांव। दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव से खुले में निकल रहे केमिकल युक्त दूषित पानी को लेकर शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने मिल से निकली नाली बंद कर मिल गेट के क्रय केंद्र पर विरोध-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही प्रधान प्रबंधक समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे बाद अधिकारियों के समझाने पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।
चीनी मिल सठियांव में बनी नाली से केमिकल युक्त दूषित पानी बाहर निकलता है। मिल ने किसानों को आश्वासन दिया था कि पानी फिल्टर किया जाएगा। इससे किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। बावजूद अभी तक इसकी कोई व्यवस्था नहीं हुई। इस कारण असोना, अवांव, देवरिया, सुराई, हरैया व बस्ती आदि गांवों के किसानों की सैकड़ों एकड़ खेती युक्त जमीन पर पानी जमा है। किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। शनिवार को महाप्रधान श्यामदेव चौहान व पूर्व प्रधान बाके यादव के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में ग्रामीण मिल की चहारदीवारी के पास पहुंचे, जहां से दूषित पानी निकल रहा है। ग्रामीणों ने मिल का दूषित पानी बंद करो, डायरेक्टर इस्तीफा दो जैसे नारे लगाते हुए नाली बंद कर दिया। मिल गेट के क्रय केंद्र पर ग्र्रामीण धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे प्रधान प्रबंधक डीके सिंह व मुख्य गन्ना अधिकारी विनय प्रताप सिंह के समझाने के एक घंटा बाद धरना समाप्त हो गया। मानवेंद्र सिंह, परदेसी राजभर, सुरेंद्र चौहान व मुन्नी लाल चौहान आदि मौजूद थे।