अहरौला के दनियालपुर गांव के कोटेदार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते राशन कार्डधारक।
- फोटो : AZAMGARH
अहरौला। ग्राम पंचायत दनियालपुर में मंगलवार को सरकारी सस्ते गल्ले के दुकानदार पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए। कार्डधारकों का कहना है कि चार दिन से सुबह छह बजे से ही राशन लेने के लिए लाइन लगाकर खड़े रहते हैं। जब उनका नंबर आता है, तो पता चलता है कि अंगूठा नहीं लग रहा है। कोटेदार लौटा देता है। इसके साथ ही कोेटेदार पर लड़कियों से अभद्रता का आरोप लगा। मंगलवार को गांव के बलिंदर पुत्र जोखू ने विरोध किया तो आरोप है कि कोटेदार सहित अन्य ने बलिंदर को मारपीटकर घायल कर दिया। इस दौरान हंगामा खड़ा हो गया। कोटेदार पर पालतू कुत्ता लोगों पर छोड़ने की भी आरोप लगा। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले को शांत कराया। गांव के पूर्व प्रधान राममिलन, शारदा देवी, चनौता, बबीता, मंजू, सुशीला, शीला, सुनैना, तारा देवी, प्रभावती, ज्ञानमती, लकी, इसरावती, आदि ने घटतौली का आरोप लगाया। राजेश कुमार का आरोप है की कोटेदार अश्वनी कुमार कई साल से कानपुर रहते हैं। अपना कोटा दूसरे व्यक्ति को बेच दिया है। वह व्यक्ति राशन कार्डधारकों को अपनी धौंस दिखाता है। इसकी शिकायत एसडीएम बूढ़नपुर से की गई। एसडीएम ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सगड़ी। तहसील के बेलसर जमीन बेलसर के 25 से अधिक लोगों ने प्रधान, कोटेदार व पूर्ति निरीक्षक के खिलाफ एसडीएम सगड़ी को प्रार्थना दिया। ग्रामीण का आरोप है कि ग्राम प्रधान के प्रभाव में आकर कोटेदार ने उनका नाम राशन कार्ड से कटवा दिया। इसकी शिकायत कई बार पूर्ति निरीक्षक से की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों को अब तक कोई सहायता उपलब्ध नहीं हो पाई है। सुशीला, तारा, शैलेश, अनीता, शीला देवी, लक्ष्य देवी, राकेश, ज्ञानमती, शरावती, भुजिया, चंदा, राजेश, सांवरिया ने उप जिलाधिकारी से मांग की कि जांच कराकर इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पूर्ति निरीक्षक को ही जांच अधिकारी बनाया गया है।