आजमगढ़ जिले के तहबरपुर गांव के ग्रामीणों ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में विद्यालय के निकट शराब की दुकान खोले जाने का पुरजोर विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दुकान के कारण विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं और आम राहगीरों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नशे में धुत लोग विद्यालय परिसर के आसपास अनावश्यक रूप से घूमते हैं और छात्राओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय के समीप शराब की दुकान की मौजूदगी बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता का विषय बनी हुई है। विशेष रूप से विद्यालय से निकलने वाली छात्राओं को अक्सर नशे में धुत लोगों के अभद्र व्यवहार और भाषा का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार चिंता व्यक्त की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
इसी गंभीर समस्या के समाधान के लिए तहबरपुर गांव के सैकड़ों ग्रामीण शनिवार को निजामाबाद तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सामूहिक रूप से प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी शिकायत का प्रार्थना पत्र समाधान दिवस में स्वीकार ही नहीं किया गया और उन्हें जिला स्तर पर जाकर अपनी फरियाद करने के लिए कहा गया।
तहसील प्रशासन द्वारा शिकायत न सुने जाने से नाराज ग्रामीणों ने तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जब तहसील स्तर पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में ही उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, तो ऐसे आयोजनों का क्या औचित्य है। ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय के पास से शराब की दुकान को तत्काल हटाया जाए और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस प्रदर्शन में सरोज, शिखर यादव, नीतीश, शिवम, आशाराम, दुलार, अनिल कुमार आदि उपस्थित थे।