आजमगढ़। साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है, अनजान लोगों से चैटिंग व वीडियो काॅलिंग से बचे। किसी को ओटीपी न बताएं और फर्जी लोन एप से सावधान रहें। ये बातें श्री दुर्गा जी इंटर काॅलेज सेहदा में सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में साइबर टीम ने कहीं। टीम के सदस्यों ने कहा कि सर्तकता, सजगता और सावधानी ही साइबर अपराध का शिकार होने से बचा सकती है। कार्यक्रम में 80 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने साइबर अपराध को लेकर कुछ सवाल भी पूछे, जिनके उन्होंने जवाब दिए।
यह कार्यक्रम साइबर अपराध से बचाव को जागरूकता जरूरी थीम पर किया गया। साइबर विशेषज्ञ ओपी जायसवाल और आलोक कुमार सिंह ने बताया कि सतर्कता बरत कर खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर जैसे सोशल साइट्स पर अनजान लोगों से जुड़ने में खास सावधानी बरतनी चाहिए। अपराधी आपके दोस्तों, रिश्तेदारों का फर्जी अकाउंट बना कर आपको शिकार बना सकते हैं।
साइबर विशेषज्ञ ओपी जायसवाल ने छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म का प्रयोग करने के दौरान सावधानी बरतने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पासवर्ड बनाने से पहले ध्यान रखें कि वो यूनिक और कठिन हो। हर ऑनलाइन अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें। सोशल मीडिया साइट्स के लिए सेकेंडरी ई-मेल एड्रेस बनाकर रखें। अगर कोई अकाउंट आप इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे डिलीट कर दें। ओटीपी किसी को न बताएं। अज्ञात ई-मेल में आए किसी भी अटैचमेंट को डाउनलोड करने से बचें। उन्होंने कहा कि अपनी किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया पर शेयर न करें। अपनी जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर आदि का इस्तेमाल कभी पासवर्ड में न करें। किसी भी पॉपअप विज्ञापन पर गौर न करें। निजी और बैंकिंग ब्योरा फोन या ई-मेल या एसएमएस से शेयर न करें। व्यक्तिगत/ निजी तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर साबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, मदद मिलेगी। इस अवसर पर प्रिंसिपल मोनिका सारस्वत पांडेय, डायरेक्टर राजन यादव, विंद्रेश राय, चेयरमैन राम नयन यादव, दुर्गा पांडेय, कृष्ण कुमार यादव व अजीत यादव उपस्थित थे।
प्रश्न : ‘डीपफेक’ एआई यानी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से कैसे बचा जा सकता है।- उज्ज्वल दुबे
उत्तर : एआई का शिकार कोई होता है तो पुलिस के पास जाए और शिकायत दर्ज कराएं, सख्त कार्रवाई होगी।- ओपी जायसवाल
प्रश्न : ओटीपी लेकर सिम कोई और यूज कर रहा तो कैसे पता चलेगा।-खुशी यादव।
उत्तर : यदि सिम पोर्ट करा कर कोई दूसरा यूज कर रहा तो आपके यहां न तो कोई फोन आएगा न ही मेसेज।- ओपी जायसवाल
प्रश्न : मोबाइल पर जो विज्ञापन प्रदर्शित होता हैं उससे भी ठगी की जाती है, कैसे बचें।- ऋषिता
उत्तर : किसी भी विज्ञापन को प्ले नहीं करना चाहिए, सावधानी बरतें तभी बचा जा सकता है।-ओपी जायसवाल
प्रश्न : यदि ऑनलाइन सामान के लिए डिलीवरी ओटीपी नहीं बताएंगे तो कैसे सामान मिलेगा।-रानी यादव
उत्तर : ओटीपी कैसी आई है उसे पढ़ लें कि कहीं वह बैंक से संबंधित ओटीपी तो नहीं, इसके बाद ही उसे बताएं। ओपी जायसवाल