आजमगढ़। कोरोना का संक्रमण जिले में काफी कम हो चुका है। वर्तमान में मेडिकल कालेज में मात्र एक कोविड का मरीज ही भर्ती है। यहां लेवल थ्री अस्पताल का संचालन हो रहा था। जिसे कालेज प्रशासन ने अब ओल्ड आईसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। ऐसा मरीजों की संख्या नाममात्र की रह जाने के चलते की गई है। फिर भी जरूरत पड़ने पर आठ से 12 घंटे में 200 बेड की तैयारी का दावा किया जा रहा है।
देश के कई राज्यों में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा है, जिसे देखते हुए प्रदेश में भी सतर्कता बरती जानी शुरू हो गई है। लगातार नए दिशा निर्देश जारी किए जा रहे है। इसी के तहत शासन ने कोविड अस्पतालों को अभी बंद नही करने का निर्देश दिया है। जिले में लेवल वन, टू व थ्री तीनों प्रकार के कोविड अस्पताल स्थापित किए गए थे। जिसमें से वर्तमान में वन व टू को बंद कर दिया गया है। लेवल वन अस्पतला महामृत्युंजय अस्पताल में स्थापित किया गया था तो लेवल टू 100 शैय्या अस्पताल अतरौलिया में स्वास्थ्य महकमे ने बनाया था। लेवल थ्री अस्पताल के रुप में राजकीय मेडिकल कालेज को स्थान दिया गया था। कोरोना की शुरूआत के दौरान 30 बेड की व्यस्था की गई थी जो ओल्ड आईसालेशन वार्ड के रुप में जाना जाता है। कोरोना का संक्रमण बढ़ने के साथ ही नई बिल्डिंग में 200 बेडों की व्यवस्था मेडिकल कालेज प्रशासन ने किया। वर्तमान में मात्र एक कोरोना का मरीज ही मेडिकल कालेज में भर्ती है। जिसके चलते उसे ओल्ड आईसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। देश में कोरोना का संक्रमण एक बार फिर बढ़ने के चलते शासन ने कोविड अस्पतालों को अभी सक्रिय रखने का पुन: निर्देश जारी किया है। जिसे देखते हुए मेडिकल कालेज प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से सतर्क है। मेडिकल कालेज प्रशासन का दावा है कि आठ से 12 घंटे में पुन: हम दो सौ बेड का आईसोलेशन वार्ड संचालित कर सकते है।
सामान्य ओपीडी व अस्पताल के संचालन के लिए वर्तमान में कोविड लेवल थ्री अस्पताल को 30 बेड के ओल्ड आईसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके बाद भी हमारी तैयारी पूरी है और किसी भी आपात स्थिति में हम आठ से 12 घंटे में 200 बेड के कोविड लेवल थ्री अस्पताल की शुरूआत कर सकने में सक्षम है।
डॉ. आरपी शर्मा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज, आजमगढ़।