आजमगढ़। श्रीनगर सियरहा बाजार में 26 अगस्त 2002 को हुई सत्येंद्र राय की हत्या के मामले में शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाया। 22 साल पांच महीने बाद मामले में अदालत ने दो दोषियों को आजीवन कारावास के साथ 70500-70500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
इस मामले में बिलरियागंज थाना त्रेत्र के गहुनी गांव निवासी भानू प्रताप ने मुकदमा दर्ज कराया था। कहा था कि चुनावी रंजिश को लेकर घटना के दिन वह अपने मामा के लड़के सत्येंद्र कुमार राय व गिरिजेश राय के साथ सियरहा बाजार जा रहा था।
जैसे ही बाजार के समीप पहुंचा वहां पहले से मौजूद बिजेंद्र राय व शैलेंद्र राय उर्फ शालू राय हाथ में रिवॉल्वर व डंडा लेकर आ गए। वह जान से मारने की नीयत से लाठी डंडा व गोली चलाने लगे। इससे सत्येंद्र राय घायल हो गए।
सदर अस्पताल में चिकित्सक ने सत्येंद्र को मृत घोषित कर दिया। इस मामले में बिलरियागंज थाना पुलिस ने आरोपियों बिजेंद्र राय और शैलेंद्र राय के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया।
सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता ने 10 गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कंधरापुर थाना क्षेत्र के अंवती पहलवानपुर गांव निवासी अभियुक्त बिजेंद्र राय और शैलेंद्र राय उर्फ शालू को हत्या का दोषी मानते हुए उक्त सजा सुनाई।