आजमगढ़। शासन के निर्देश पर यातायात पुलिस द्वारा जगह-जगह वाहन स्टैंड बनाया गया है। कुछ दिन इसका कड़ाई से पालन भी किया गया है। इसके बाद यातायात पुलिस लापरवाह हो गई। इसका परिणाम यह है चालकों ने अवैध वाहन स्टैंड बना लिया है। इससे लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है।
नगर पालिका परिषद ने शहर के चार मुख्य मार्गों पर भूमि चिह्नित कर स्टैंड की स्थापना कर दी है। लोक निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी ले लिया। इसके बाद कुछ दिन तो यहां से वाहनों का संचालन हुआ लेकिन इसके बाद सबकुछ पहले की तरह हो गया। फिर से नगर क्षेत्र में जगह-जगह अवैध वाहन स्टैंड संचालित होने लगे हैं। इसके कारण आम जनमानस को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। जबकि इन वाहन स्टैंडों पर नगर पालिका को शौचालय, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश, बैठने के लिए टीनशेड आदि का निर्माण न करने के कारण फटकार भी मिल चुकी है। इसके बाद भी अब तक इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
आजमगढ़। नगर पालिका परिषद ने नरौली, आइटीआई के सामने, बिलरिया की चुंगी, प्राइवेट बस अड्डा, हाइडिल चौराहा व ब्रह्मस्थान के पास वाहन स्टैंड स्थापित किए हैं। वाहन स्टैंड स्थापित होने के बाद नगरपालिका को कर का निर्धारण करना था। लेकिन, नगरपालिका शांत होकर बैठ गई। इसका परिणाम है कि धड़ल्ले से अवैध वाहन स्टैंड का संचालन किया जा रहा है।
जो भी स्टैंड से बाहर सवारी बिठाते हुए मिलते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। थोड़ी सी सख्ती होने पर यूनियन के लोग गरीबों पर अत्याचार की दुहाई देने लगते हैं। फिर भी हमारी तरफ से पूरा प्रयास किया जाता है कि स्टैंड से ही वाहनों का संचालन हो। - धनंजय कुमार, टीएसआई।