अतरौलिया। टोला प्लाजा पर अधिक समय तक न रुकना पड़े इसके लिए शासन ने आधी-अधूरी तैयारी के बीच फास्टैग की अनिवार्यता कर दी है। जारी आदेश के अनुसार 31 दिसंबर की रात से यह नियम पूरी तरह से प्रभावित होगा। एक जनवरी शुक्रवार से फास्टैग न लगे वाहनों को टोला प्लाजा पर दोगुना टैक्स भरना पड़ेगा। वहीं नेटवर्क की समस्या से फास्टैग से टेक्स लेने में समय लग रहा है। जिससे आए दिन टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति बनी रहती है।
अतरौलिया के लोहरा गांव के समीप एनएच 233 का टोल प्लाजा है। जहां वाहनों की लंबी कतारें दिखने आम बात है। टोल प्लाजा पर फास्टैग सेंसर के बावजूद भी औसतन प्रति गाड़ियों को 20 सेकंड तक रुकना पड़ रहा है। जबकि यह समय फास्टैग के हिसाब से ज्यादा है। वाहन स्वामियों का कहना है अगर वाहन कम है तो स्कैन करने में लगभग 20 सेकेंड लग रहा है। यदि वाहनों की संख्या ज्यादा है तो यह समय और भी ज्यादा लगेगा। इस संबंध में टोल प्लाजा के प्रबंधक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा की सभी गेटों पर फास्टैग स्कैनर लगा दिया गया है। अधिकतम एक वाहन को क्रॉस करने में 10 से 20 सेकंड का समय लग रहा है। कभी-कभी खराब नेटवर्क की वजह से स्कैनर सही से स्कैन नहीं कर पाता। ऐसे में वाहनों को रोककर स्केनर हैंड मशीन से स्कैन करना पड़ रहा है। वहीं लोगों की सहूलियत के हिसाब से टोल प्लाजा के दोनों तरफ फास्टैग कार्ड बनवाने की व्यवस्था कर दी गई है।