आजमगढ़। जांच के बाद डीपीआरओ द्वारा की गई संस्तुति के आधार पर जिला विकास अधिकारी रवि शंकर राय ने सोमवार को मार्टीनगंज विकास खंड के वनगांव के ग्राम विकास अधिकारी रामपलट को निलंबित कर दिया है। उन्हें जिला विकास कार्यालय से संबद्घ करते हुए उन्होंने खंड विकास अधिकारी फूलपुर को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए 15 दिन के अंदर जांच आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
डीपीआरओ श्रीकांत दर्वे ने बताया कि एडीओ पंचायत मार्टीनगंज द्वारा प्रेषित जांच आख्या में ग्राम विकास अधिकारी रामपलट पर 23 लाख 25 हजार रुपये के गबन की पुष्टि हुई। ग्राम विकास अधिकारी रामपलट द्वारा यह धनराशि 194 शौचालयों के निर्माण के लिए स्वयं और फर्म के माध्यम से आहरित की गई थी। 29 लाख 52 हजार रुपये की धनराशि बैंक स्टेटमेंट के आधार पर कुल 246 लाभार्थियों के खाते में अंतरित की गई है। जांच आख्या के अनुसार 219 शौचालय पूर्व, 51 शौचालय अपूर्ण हैं। इस प्रकार इनके द्वारा 23 लाख 25 हजार रुपये स्वयं और फर्म के नाम पर आहरित कर कर धन का गबन और दुरुपयोग करने के साथ ही लक्ष्य के सापेक्ष शौचालय का निर्माण कराने के दोषी पाया गया। इसके लिए मेरी ओर से जिला विकास अधिकारी से कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। इस संस्तुत पर जिला विकास अधिकारी रविशंकर राय ने ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई संस्थत करते हुए निलंबित कर जिला विकास कार्यालय से संबद्घ कर दिया है। साथ ही खंड विकास अधिकारी को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिन के अंदर जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।