जिले में वीबी-जी रामजी योजना में जाॅब कार्ड के नाम पर फर्जीवाड़ा चल रहा है। जॉब कार्ड में फोटो बदलने से लेकर एक ही फोटो पर कई-कई जॉब कार्ड जारी कर दिए गए हैं।
70 साल के बुजुर्गों की उम्र घटाकर 45 वर्ष दर्ज कर दी गई है ताकि उन्हें काम करने योग्य दिखाया जा सके। एक जुलाई 2026 से शुरू हुई वीबी-जी रामजी योजना में बिना जांच फर्जी जॉब कार्डधारकों के खातों में भुगतान हो रहा है। एक दिन की मजदूरी 300 रुपये तय है।
ठेकमा विकास खंड की अवदह खास ग्राम पंचायत में सुनीता और रेनू के जॉब कार्ड बने हैं लेकिन दोनों के कार्ड में पति की जगह एक ही फोटो लगी है। सुनीता और रेनू को 37-37 दिन की हाजिरी दिखाकर 11-11 हजार रुपये का भुगतान किया गया है।
अवदह खास ग्राम पंचायत में लीला (39) के जॉब कार्ड में किसी पुरुष की फोटो लगी है। 38 दिन की हाजिरी लगाकर लीला को 11,400 रुपये का भुगतान बैंक खाते में किया गया है। पिंटू के जॉब कार्ड में वही फोटो लगी है, जो सुनीता और रेनू के कार्ड पर पति की फोटो लगी है। अवदह खास में एक ही फोटो पर कई जॉब कार्ड जारी कर दिए गए हैं।
कुडिहर गांव के 70 वर्षीय जुथु के जॉब कार्ड पर उम्र 45 वर्ष लिखी है, जबकि जुथु की पत्नी अनारा की उम्र 50 वर्ष लिखी है। जुथु की 73 दिन की हाजिरी लगाकर 21,900 रुपये का भुगतान किया गया है। हरिनाथ की उम्र 37 वर्ष और उनकी पत्नी राधिका की उम्र 40 वर्ष दिखाकर 78 दिन की हाजिरी लगाई गई और 23,400 रुपये का भुगतान किया गया है।
महिला के कार्ड पर लगा दी पुरुष की फोटो
तरवां विकास खंड की ऐरा खुर्द ग्राम पंचायत में प्रियंका कुमारी के जॉब कार्ड पर किसी पुरुष की फोटो लगी है। इसी प्रकार उषा की उम्र 36 वर्ष और उनके बेटे रोशन गुप्ता की उम्र 21 वर्ष दिखाकर 70 दिन की हाजिरी लगा दी गई। 21 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। बनगांव में बुजुर्ग आशा को 19 वर्ष का दिखाते हुए 54 दिन की हाजिरी लगाकर 16,200 रुपये का भुगतान किया गया है। इसी तरह पवई विकास खंड की समइसा ग्राम पंचायत में भी जॉब कार्ड में उम्र घटाने-बढ़ाने का खेल किया गया है।
मऊ जिले में भी 80 वर्ष के मजदूर
आजमगढ़ के साथ-साथ मऊ जिले में भी जॉब कार्ड जारी करने में उम्र में खेल किया गया है। रानीपुर विकास खंड की चकिया ग्राम पंचायत में कुमारी देवी की उम्र जॉब कार्ड में 80 वर्ष दर्शाई गई है तो दुर्गविजय की उम्र छिपाई गई है। उनकी उम्र 52 वर्ष ही दर्शाई गई है, जबकि जॉब कार्ड पर लगी फोटो से उनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक दिखाई है।
वर्जन
समय-समय पर जॉबकार्ड का सत्यापन कराया जाता है। बोगस कार्डों को हटाया जाता है। किसी ग्राम पंचायत में ऐसा है तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - संतोष कुमार, बीडीओ पवई।
योजना में जो भी काम की मांग करता है, उसका जॉब कार्ड बनाया जाता है। जॉब कार्ड बनाने में 18 वर्ष से कम आयु नहीं होनी चाहिए, अधिकतम उम्र का निर्धारण नहीं है। सभी जॉब कार्ड आधार कार्ड से जुड़े हैं। समय-समय पर जॉब कार्ड का सत्यापन कराया जाता है। यदि कहीं पर गड़बड़ी मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - रामबाबू त्रिपाठी, संयुक्त विकास आयुक्त।
पवई के टैनी गांव में बिना फोटो का बना जॉबकार्ड। स्रोत-वेब साइट
पवई के टैनी गांव में बिना फोटो का बना जॉबकार्ड। स्रोत-वेब साइट