आजमगढ़। कोरोना काल में बहुत से लोग ऐसे हैं जो बाहर रहकर शिक्षण और बहुत सी महिलाएं अस्पतालों में नर्स का कार्य करती थी। लेकिन लाक डाउन के कारण उनके कार्य छूट गए और वह अपने घर आ गए। ऐसे लोगों को घबराने की जरूरत नहीं क्योंकि प्रशासन उन्हें काम उपलब्ध कराने की कोशिश में जुटा हुआ है।
डीएम राजेश कुमार ने बताया कि बाहर से लगभग की 1.70 लाख संख्या में प्रवासी जनपद आए हैं। जो श्रमिक हैं उन्हें मनरेगा के तहत कार्य दिया जा रहा है। अब तक लगभग 32000 प्रवासी श्रमिकों को जाब कार्ड बनाकर रोजगार पर लगाया गया है लेकिन बहुत से लोग ऐसे हैं जैसे राजगीर, पेंटर आदि इन लोगों को इनके हुनर के हिसाब से काम देने का निर्देश संबंधित विभागों को दे दिया है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दूसरे प्रांतों में शिक्षक का कार्य प्राइवेट विद्यालयों में करते थे। वर्तमान में स्कूल कालेज बंद होने के कारण बच्चों की आनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। शिक्षक का कार्य करने वाले लोगों को इससे जोड़ने का निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक को दे दिया गया है। वहीं बहुत सी महिलाएं प्राइवेट अस्पतालों मेें नर्स थीं। इन लोगों को भी काम देने के लिए सीएमओ को निर्देशित किया है। डीएम ने बताया कि ऐसे लोगों के सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। इनकी फीडिंग भी पूरी होने वाली है। इसके बाद इन्हें रोजगार देने का कार्य किया जाएगा।