सिधारी थाना क्षेत्र के जयरामपुर में सोमवार को विदेश में रोजगार के लिए आयोजित भर्ती एवं साक्षात्कार शिविर फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद विवादों में घिर गया। हंगामें की सूचना मिलने पर सेवायोजन विभाग के अधिकारी और सिधारी पुलिस मौके पर पहुंची।
जांच के बाद पुलिस ट्रेनर अरविंद को पूछताछ के लिए थाने ले गई। देर शाम तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को तहरीर नहीं दी गई थी। जयरामपुर में विदेश भेजने के लिए भर्ती और साक्षात्कार शिविर चल रहा था।
इसी दौरान रानू राजभर नामक एक युवक ने मौके पर पहुंचकर भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए फर्जीवाड़े की आशंका जताई और इसकी सूचना सेवायोजन विभाग व पुलिस को दी। शिकायत के बाद सहायक निदेशक (सेवायोजन) राममूर्ति और सिधारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
मौके पर मौजूद आयोजकों ने भर्ती प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज अधिकारियों को दिखाए, लेकिन अधिकारियों ने उनकी सत्यता पुष्टि नहीं की। पुलिस ट्रेनर अरविंद को पूछताछ के लिए थाने ले गई, जहां देर तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत चलती रही।
सहायक निदेशक (सेवायोजन) राममूर्ति ने बताया कि आयोजकों द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि यदि यह विदेश मंत्रालय के प्रवासी रोजगार प्रभाग से संबंधित अनुमति है तो इसकी पुष्टि केंद्र सरकार से कराई जाएगी।
इसके लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा जाएगा। वहां से जवाब मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दस्तावेज वैध हैं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे भर्ती शिविर आयोजित करने की जानकारी स्थानीय प्रशासन, विशेषकर जिलाधिकारी को भी दी जानी चाहिए।
आयोजकों की ओर से बताया गया कि भर्ती प्रक्रिया मऊ रोड स्थित गल्फ टेक्निकल इंस्टीट्यूट के माध्यम से संचालित की जा रही थी। ट्रेनर श्याम ने बताया कि प्रस्तुत अनुमति पत्र विदेश मंत्रालय के ई-मार्गेट सिस्टम से जारी इंटरव्यू एकनॉलेजमेंट लेटर है।
इसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि इमिग्रेशन एक्ट, 1983 के तहत ऐसे इंटरव्यू आयोजित करने के लिए पुलिस या अन्य स्थानीय अनुमति की आवश्यकता नहीं है। फिलहाल पुलिस और सेवायोजन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
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दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं, देर शाम शिकायतकर्ता और सेवायोजन अधिकारी की ओर से लिखित तहरीर नहीं मिली है। इसके कारण अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। -विनय कुमार सिंह, थाना प्रभारी सिधारी
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गल्फ टेक्निकल इंस्टीट्यूट के माध्यम से साक्षात्कार शिविर का आयोजन किया गया था। शिकायत के बाद एक व्यक्ति को थाने लेकर आया गया है। उनकी ओर से दिखाए गए कागजात को देखा गया है। कागजात देखकर यह स्पष्ट नहीं हो रहा कि वह फर्जी हैं या नहीं। इनको डीएम को सूचना देनी चाहिए, क्योंकि आएदिन विदेश भेजने के नाम पर ठगी हो रही है। सूचना देने से यह पता रहेगा कि हमारे जिले में क्या हो रहा है। -राममूर्ति, सहायक निदेशक, सेवायोजन कार्यालय आजमगढ़