आजमगढ़। यूपीसीडा की ओर से रानी की सराय ब्लाक के गंभीरवन में 45 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए मंजूरी देने के बाद मूल्यांकन का कार्य किया जाना है। वाणिज्यिक विभाग होने के कारण भूमि पुनर्ग्रहित करने के लिए यूपीसीडा की ओर से इसकी पूरी धनराशि शासन को दी जाएगी। इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र का विकास कर यहां प्लाट काटा जाएगा। इसे इच्छुक उद्यमियों को आवंटित किया जाएगा।
यूपीसीडा के निर्देश के क्रम में पिछले दिनों जिला उद्योग केंद्र की ओर से स्थल चयन समिति की मुहर के बाद रानी की सराय ब्लाक के गंभीरवन में 45 एकड़ भूमि पर आद्योगिक क्षेत्र लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। प्रस्ताव को यूपीसीडा ने अपनी सहमति दे दी है। इससे जनपद में औद्योगिक क्षेत्र के स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। यूपीसीडा की ओर से भूमि के पुनर्ग्रहण का प्रस्ताव भी शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसे लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। डीएम एनपी सिंह ने एसडीएम सदर और बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को जल्द से जल्द मूल्याकंन कर पुनर्ग्रहण प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि भूमि पर अभी पानी भरा होने के कारण मूल्यांकन का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वहीं, यूपी एसआईडीसी के आरएम केएन श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग के इंजीनियर को भी इस कार्य में लगाया गया है। मूल्यांकन के बाद 45 एकड़ भूमि की जो कीमत तय होगी उसे शासन के पक्ष में अदा किया जाएगा। इसके बाद वहां प्लाटों का विकास कर इच्छुक उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए आवंटित किया जाएगा।
निरस्त हो चुकी है चकबंदी प्रक्रिया
बंदोबस्त अधिकारी सुरेश जायसवाल ने बताया कि गंभीरवन में धारा छह का प्रकाशन हो चुका है। गांव की चकबंदी निरस्त हो चुकी है। जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार रानी की सराय ब्लाक के गंभीरवन में 45 एकड़ भूमि को पुनर्ग्रहित करने के मूल्याकंन में एसडीएम का सहयोग किया जाएगा।
गंभीरवन में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए मुल्यांकन अदि में विभाग के भी इंजीनियर को लगाया गया है। भूमि पुनर्ग्रहण की कार्रवाई जल्द पूरी की जाएगी। मूल्यांकन के बाद भूमि की कीमत शासन को अदा की जाएगी। इसके बाद प्लाटों का विकास होगा। - केएन श्रीवास्तव, आरएम, यूपीएसाईडीसी