इस बार भाजपा ने इस सीट को अपनी सहयोगी एमएलसी संजय निषाद की पार्टी निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल निषाद पार्टी की झोली में दे दिया है। जिससे इस सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव सपना संजोए तैयारी में जुटे कई नेताओं के अरमानों पर पानी फिर गया है।
आजमगढ़ की 10 विधान सभा सीटों में से कुछ पर सपा, भाजपा और कांग्रेस ने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। प्रत्याशियों की घोषणा होते ही जिले में विरोध का सिलसिला शुरू हो गया है। टिकट न मिलने से नाराज कई दिग्गज निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने की तैयारी में हैं, तो कई नाराज लोग दूसरे ठौर की तलाश में जुट गए हैं।
जिले की 10 विधानसभा सीटों में से सपा ने सात पर प्रत्याशियों की घोषणा की है। जिसमें पार्टी ने गोपालपुर से वर्तमान विधायक नफीस अहमद, अतरौलिया से विधायक डा. संग्राम यादव, निजामाबाद से विधायक आलमदी आजमी के साथ फूलपुर से पूर्व सांसद रमाकांत यादव, लालगंज से पूर्व विधायक बेचई सरोज और आजमगढ़ से विधायक दुर्गा प्रसाद यादव को प्रत्याशी घोषित किया है।
वहीं भाजपा ने छह सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की गई है। इसमें निजामाबाद से मनोज यादव, गोपालपुर से सत्येंद्र राय, आजमगढ़ से अखिलेश मिश्रा गुड्डू, मेंहनगर से मंजू सरोज, दीदारगंज से डा. कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा और लालगंज से नीलम सोनकर को प्रत्याशी घोषित किया।
वहीं कांग्रेस पार्टी ने आजमगढ़ से जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह, निजामाबाद से अनिल यादव, सगड़ी राना खातून और मेंहनगर से निर्मला भारती को उम्मीदवारी दी है। प्रत्याशियों की घोषणा होते ही लगभग सभी पार्टियों में बगावत शुरू हो गई है। इस दौरान कई दावेदारों ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने का मन बनाया है।
उनके समर्थक सोशल मीडिया पर इस बात का जोर शोर से प्रचार प्रसार भी करने लगें है। सोशल मीडिया पर निजामाबाद से टिकट के दावेदारों में शामिल रहे सपा के इसरार अहमद निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने का ऐलान किए है। वहीं गोपालपुर से शमा वसीम भी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही।
वहीं अगर भाजपा की बात करें तो सोशल मीडिया पर गोपालपुर विधानसभा सीट से दावेदारी करने वाले राधेश्याम सिंह गुड्डू के भी निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने की खबरें उड़ रही। लेकिन अभी तक उनकी तरफ से कुछ भी नहीं कहा गया है।
दूसरी तरफ कई दावेदार ऐसे हैं जो दूसरी पार्टियों में अपना ठौर तलाशने में जुट गए हैं। सबसे ज्यादा बगावत सपा की फूलपुर सीट पर देखने को मिल रहा। यहां फूलपुर विधानसभा के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिलाध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप चुके है। अभी पार्टियों में और भगदड़ देखने को मिल सकती है।